UP Transport Department में भ्रष्टाचार के आरोप, 32 अधिकारियों पर विजिलेंस की नजर

UP Transport Department में भ्रष्टाचार के आरोप, 32 अधिकारियों पर विजिलेंस की नजर

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के 32 अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के चलते विजिलेंस की नजर है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विभाग के कुछ अधिकारी होटल, रिसॉर्ट, पेट्रोल पंप और अन्य व्यवसायों से जुड़े लोगों के साथ-साथ दलालों के नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करने के आरोपों के घेरे में हैं।


रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस, वाहन पंजीकरण, ट्रांसफर और एनओसी जैसे कार्यों में निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त अवैध वसूली की जाती है। आरोप है कि दलाल आवेदकों की फाइलें अधिकारियों तक पहुंचाते हैं और बदले में अवैध लेन-देन होता है। खबर के अनुसार, ओवरलोड वाहनों और प्राइवेट बसों से भी नियमित रूप से वसूली किए जाने के आरोप हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कुछ अधिकारियों के पास होटल, फार्महाउस, पेट्रोल पंप और अन्य अचल संपत्तियां होने की बात जांच के दायरे में है।

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के 32 अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विजिलेंस इन मामलों की जांच कर रही है और कथित संपत्तियों सहित वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल की जा सकती है। हालांकि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी अधिकारी के खिलाफ आरोप आधिकारिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।

Allegations vs Official Process

फिलहाल जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।

सेवाआधिकारिक प्रक्रियारिपोर्ट में लगाए गए आरोप
ड्राइविंग लाइसेंसनिर्धारित सरकारी शुल्कअतिरिक्त अवैध वसूली का आरोप
वाहन पंजीकरणतय फीसदलालों के जरिए लेन-देन का आरोप
परमिटनियमानुसार प्रक्रियाअतिरिक्त भुगतान का आरोप
फिटनेस सर्टिफिकेटविभागीय जांचकथित अवैध वसूली
NOC/ट्रांसफरनिर्धारित नियमफाइल आगे बढ़ाने के बदले भुगतान का आरोप

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FAQs

Q1. कितने अधिकारी विजिलेंस की निगरानी में बताए गए हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 32 अधिकारी जांच के दायरे में हैं।

Q2. किन मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं?
ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस, वाहन पंजीकरण, ट्रांसफर और NOC जैसी सेवाओं में कथित अवैध वसूली के आरोप हैं।

Q3. क्या अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है?
फिलहाल जांच जारी है। अंतिम कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

Q4. क्या दलालों की भूमिका की भी जांच हो रही है?
मीडिया रिपोर्ट्स में दलालों के नेटवर्क की भी जांच का दावा किया गया है।

Q5. क्या आरोप सिद्ध हो चुके हैं?
नहीं। अभी जांच जारी है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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