देहरादून। पांच अक्टूव र को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से सहकारी निरीक्षक पद के लिए परीक्षा आयोजित होनी थी, लेकिन उससे पहले आयोग की ओर से गोपनीय जांच कराने के बाद गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले सुरेंद्र कुमार नाम के अभ्यर्थी को पकड़ा गया है। इस अभ्यर्थी ने तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से तीन फॉर्म भरे हैं।
ओबीसी प्रमाणपत्र भी निकला फर्जी
जांच में पता चला कि इसके लिए उसने तीनों फॉर्मों में अपने पिता के नाम की स्पेलिंग में कुछ अक्षरों को आगे पीछे किए है। जो प्रमाणपत्र उसने फॉर्म में लगाए थे वे भी प्राथमिक जांच में फर्जी पाए गए है। बिना हस्ताक्षर वाला स्थायी प्रमाणपत्र उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी किया हुआ जमा किया गया है। ओबीसी प्रमाणपत्र भी फर्जी निकला। इसके बाद शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच हुई तो उसने इनमें भी फर्जीवाड़ा किया हुआ है।
रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज
तीन-तीन बार तो उसने ग्रेजुएशन पास करना दर्शाया है। ये सब काम उसने परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से किया। ऐसे में जांच अधिकारी एसओजी प्रभारी इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी ओर से सुरेंद्र कुमार के खिलाफ रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।

