Banke Bihari Temple: मथुरा स्थित बांके बिहारी मंदिर के गेट नंबर 5 के पास मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के निकट एक मकान का छज्जा अचानक गिरने से कई श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे में करीब नौ लोगों के घायल होने की सूचना है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद नोएडा के एक उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर केयर सेंटर) रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा मंदिर के गेट नंबर 5 के पास स्थित एक गली में हुआ, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है। बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान छज्जे पर बड़ी संख्या में बंदर बैठे हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि छज्जा पहले से ही जर्जर अवस्था में था और उसमें दरारें भी मौजूद थीं।
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय क्षेत्र में तेज आंधी भी चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि बंदरों की उछल-कूद और खराब मौसम के कारण कमजोर छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जे के पत्थर और मलबा नीचे से गुजर रहे श्रद्धालुओं पर आ गिरा, जिससे कई लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गेट नंबर 5 की गली में श्रद्धालुओं की आवाजाही और हादसे के बाद की स्थिति दिखाई दे रही है।
हादसे में लक्ष्मीनारायण (35) पुत्र शिशुपाल निवासी अलीगढ़, रुद्रांश (5) पुत्र विजय, विजय (35) पुत्र सतीश निवासी आगरा, उर्मिला देवी (70) पत्नी गोविंद लाल, चंचल प्रजापति (26) पुत्री ओमप्रकाश निवासी राजस्थान, जानकी देवी (48) पत्नी ओमप्रकाश तथा मेघा सैनी पुत्री जगवती सहित कई लोग घायल हुए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के समुचित उपचार, उनके परिजनों से संवाद स्थापित करने तथा हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि बांके बिहारी मंदिर क्षेत्र में प्रतिदिन प्रशासनिक निरीक्षण किए जाते हैं और उनकी तस्वीरें तथा वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए जाते हैं, लेकिन आसपास की संकरी गलियों में स्थित जर्जर भवनों और छज्जों की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त छज्जे की मरम्मत कर दी जाती, तो संभवतः इस हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि क्षेत्र में ऐसे कई पुराने और जर्जर छज्जे मौजूद हैं, जो भविष्य में भी खतरे का कारण बन सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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