Rbi new rules : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग क्षेत्र में बड़े सुधारों का ऐलान किया है। लगभग 9,000 पुराने सर्कुलरों को रद्द कर 238 मास्टर डायरेक्शन्स में बदल दिया गया है। ये नियम ग्राहक सुरक्षा, लोन पारदर्शिता और डिजिटल बैंकिंग को मजबूत करेंगे। साइबर फ्रॉड से लेकर होम लोन डाउनपेमेंट तक कई बदलाव होंगे। 10 अक्टूबर 2025 को जारी ड्राफ्ट पर 10 नवंबर तक सुझाव मांगे गए हैं। ये सुधार 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
RBI Cancelled Bank License: आरबीआई ने इन 8 बैंकों का लाइसेंस किया रद्द
लोन और ब्याज दरों में बड़े बदलाव
होम लोन डाउनपेमेंट बढ़ेगा 20 लाख से ज्यादा के होम लोन पर अब केवल 80% तक लोन मिलेगा, पहले 90% था। यानी अधिक डाउनपेमेंट देना पड़ेगा। इससे बैंक का जोखिम कम होगा, लेकिन ग्राहकों के लिए चुनौती बढ़ेगी। छोटे लोन पर यह नियम लागू नहीं होगा।
कम अवधि के लोन पर MCLR फ्लोर 3 साल से कम अवधि के लोन MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) से नीचे नहीं मिलेंगे। पहले कम दर पर संभव था। इससे ब्याज दरों में एकरूपता आएगी।
प्रीपेमेंट पेनल्टी खत्म : सभी लोन पर प्रीपेमेंट पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी। पहले केवल रिटेल लोन पर छूट थी। इससे जल्दी लोन चुकाना आसान होगा।
लोन ब्योरा और डॉक्यूमेंट रिटर्न लोन देते समय ब्याज, फीस और पेनल्टी का पूरा ब्योरा देना होगा। लोन चुकाने के 30 दिनों में डॉक्यूमेंट लौटाने होंगे, वरना प्रतिदिन 5,000 रुपये जुर्माना। इससे छिपे चार्ज खत्म होंगे।
गोल्ड लोन नीलामी में निष्पक्षता गोल्ड लोन डिफॉल्ट पर नीलामी के लिए ग्राहक की उपस्थिति और शपथ पत्र जरूरी। पहले मनमानी होती थी। डिजिटल लोन पर 1 दिन का कूलिंग ऑफ पीरियड भी अनिवार्य।
केवाईसी और डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं
सामान्य खाते: 10 साल में एक बार।
मध्यम जोखिम: 8 साल में एक बार।
उच्च जोखिम: हर 2 साल में।
बैंक खुद केवाईसी करेंगे, आउटसोर्सिंग बंद। इससे डेटा सुरक्षित रहेगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर बैठे सेवा
70 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों को घर पर बैंकिंग सुविधा मिलेगी। पहले कोई स्पष्ट नियम नहीं था। इससे बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
सिबिल अपडेट तेज होगा
पेमेंट और डिफॉल्ट का अपडेट हर महीने 15 तारीख तक। पहले 90 दिनों का समय था। इससे क्रेडिट स्कोर सुधार होगा।
साइबर फ्रॉड पर जीरो लायबिलिटी
नए नियमों के तहत, यदि ग्राहक साइबर फ्रॉड की सूचना 3 दिनों के अंदर देता है, तो उसकी कोई जवाबदेही नहीं होगी। बैंक को तुरंत कार्रवाई करनी होगी, वरना 25,000 रुपये तक जुर्माना लगेगा। वर्तमान में कोई समयसीमा नहीं है, जिससे देरी होती थी। इससे ग्राहक सुरक्षित महसूस करेंगे।
लॉकर चोरी पर 100 गुना हर्जाना
लॉकर में चोरी या नुकसान होने पर बैंक को किराए का 100 गुना मुआवजा देना होगा। पहले बैंक पर कोई जिम्मेदारी नहीं थी। यह बदलाव सुरक्षा को मजबूत करेगा और ग्राहकों का विश्वास बढ़ाएगा।
सीज्ड प्रॉपर्टी की पारदर्शिता
जब्त संपत्तियों का ब्योरा हर महीने बैंक वेबसाइट पर अपलोड होगा। पहले यह सार्वजनिक नहीं होता था। इससे ग्राहक आसानी से जानकारी पा सकेंगे।
कब से होंगे नए नियम लागू ?
आरबीआई ने 238 बैंकिंग नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है, जो 2026 की शुरुआत से प्रभावी होंगे। 1 जनवरी से 1 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे। ये सुधार विभाग ऑफ रेगुलेशन (DoR) के तहत 11 प्रकार की विनियमित इकाइयों और 30 क्षेत्रों को कवर करेंगे। उद्देश्य: अनुपालन बोझ कम करना, नियमों की पहुंच बढ़ाना और स्पष्टता लाना। पब्लिक कमेंट्स के बाद फाइनल रूप दिया जाएगा। इससे बैंकिंग सिस्टम अधिक कुशल बनेगा।
आरबीआई के ये 238 नियम बैंकिंग को अधिक ग्राहक-अनुकूल बनाएंगे। साइबर सुरक्षा, लोन पारदर्शिता और वरिष्ठ नागरिक सुविधाओं पर फोकस से सिस्टम मजबूत होगा। हालांकि, होम लोन डाउनपेमेंट बढ़ने से मध्यम वर्ग पर असर पड़ेगा। पब्लिक कमेंट्स से और बेहतर बनेगा। 2026 से ये बदलाव जीवन बदल देंगे। सुझाव देकर आप भी हिस्सा बनें।

