TCS Nashik Case

TCS Nashik Case: 25 दिनों बाद पुलिस के हाथ आई आरोपी निदा खान, सादे कपड़ों में बिछाया था जाल

TCS Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस (TCS) बीपीओ के भीतर कथित धर्मांतरण गिरोह की मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले 25 दिनों से फरार चल रही निदा को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कौसर कॉलोनी से पकड़ा गया। आरोपी पर धर्म परिवर्तन, यौन शोषण और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे गंभीर आरोपों में करीब 40 एफआईआर दर्ज हैं।

नासिक पुलिस की एसआईटी और क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उसे उस समय गिरफ्तार किया, जब वह अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ एक किराए के फ्लैट में छिपी हुई थी और हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही थी।

सादे कपड़ों में पुलिस ने बिछाया जाल

निदा खान की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी, क्योंकि वह लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नासिक से फरार होने के बाद वह भिवंडी, मुंब्रा, ठाणे और मुंबई के भेंडी बाजार इलाके में रिश्तेदारों के यहां छिपी रही।

उसे पकड़ने के लिए नासिक पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई। करीब 20 जवानों की टीम पिछले चार दिनों से छत्रपति संभाजीनगर में डेरा डाले हुए थी। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। साथ ही किसी भी पुलिस वाहन या वर्दी का इस्तेमाल नहीं किया गया, ताकि आरोपी को शक न हो। गुरुवार रात करीब 11:30 बजे मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

धर्मांतरण के लिए ‘ट्रेनिंग’ और ‘ब्रेनवॉश’ का आरोप

यह मामला मार्च के अंत में सामने आया, जब एक पीड़िता ने नासिक में एफआईआर दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि निदा खान वर्ष 2022 से TCS के नासिक बीपीओ में काम कर रही थी। आरोप है कि वह अपने पद का इस्तेमाल जूनियर कर्मचारियों का ब्रेनवॉश करने के लिए कर रही थी।

बताया गया कि वह कर्मचारियों को अपने घर ले जाती थी, जहां उन्हें नमाज पढ़ने का तरीका सिखाया जाता था और हिजाब व बुर्का पहनने की ट्रेनिंग दी जाती थी। जांच के दौरान पुलिस को पीड़ितों के मोबाइल फोन से कई इस्लामिक रील्स, यूट्यूब लिंक और इंस्टाग्राम पोस्ट मिले हैं, जिन्हें कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए उकसाने वाले सबूत माना जा रहा है।

सरकारी वकीलों ने अदालत में दावा किया कि आरोपियों ने पीड़ितों को दूसरे धर्म से संबंधित किताबें दीं और उनके मोबाइल फोन में विशेष धार्मिक एप्लिकेशन भी इंस्टॉल करवाए।

जमानत खारिज, गिरफ्तारी तेज

निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका 2 मई को नासिक अदालत ने खारिज कर दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। मामले में दो अन्य आरोपी दानिश शेख और तौसिफ अत्तार पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने निदा का मेडिकल परीक्षण कराया और ट्रांजिट वारंट की प्रक्रिया पूरी कर उसे नासिक ले गई। आज उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी कस्टडी की मांग करेगी।

बड़े नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस को शक है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं, बल्कि किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। अब जांच एजेंसियां उन लोगों की पहचान करने में जुटी हैं, जिन्होंने निदा को 25 दिनों तक छिपने में मदद की। साथ ही उसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए TCS ने निदा खान को पहले ही सस्पेंड कर दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी से इस पूरे मामले से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

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