बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में दलित समाज ने की फांसी की मांग, कलेक्ट्रेट के गेट पर किया प्रदर्शनमेरठ। रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव में 17 मई को हुई बीए की छात्रा की बेरहमी से हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बुधवार को न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार और दलित समाज के सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने पर मुख्य द्वार पर ताला लटका दिया गया, जिससे नाराज होकर वे वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और यातायात पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रदर्शन में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जो हाथों में इंसाफ की तख्तियां लिए नारेबाजी कर रही थीं। गेट बंद होने से गुस्साए लोग सड़क पर ही बैठ गए, जिसके कारण चारों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अमले में हड़कंप मच गया।
एहतियात के तौर पर कलेक्ट्रेट और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) को तैनात कर दिया गया। मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी (ADM) नगर बृजेश कुमार और एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन लोग जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
एडीएम सिटी बृजेश कुमार का कहना है कि ”पीड़ित परिवार और समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट आए थे। कलेक्ट्रेट का गेट सुरक्षा कारणों और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंद किया गया था, न कि संवाद रोकने के लिए। प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ है। हमने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की है और उन्हें आश्वस्त किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। उनकी जो भी जायज मांगें और शिकायतें हैं,उन्हें उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा ।
गौरतलब है कि बीते 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव के पास एक खेत में बीए की छात्रा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था। मृतका के परिजनों ने पहले उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद उसका शव मिला। परिजनों और समाज के लोगों का आरोप है कि इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई बेहद सुस्त रही है और मुख्य आरोपियों को अब तक सख्त सजा नहीं मिल पाई है। इसी ढुलमुल रवैये के खिलाफ बुधवार को दलित समाज ने महापंचायत का आह्वान कर कलेक्ट्रेट का रुख किया था।
मामले की प्रमुख जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 17 मई |
| स्थान | थिरोट गांव, रोहटा थाना क्षेत्र, मेरठ |
| पीड़िता | बीए की छात्रा ललिता गौतम |
| प्रदर्शन स्थल | मेरठ कलेक्ट्रेट |
| प्रमुख मांग | आरोपियों को फांसी एवं निष्पक्ष जांच |
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FAQs
1. ललिता गौतम हत्याकांड कब हुआ था?
यह घटना 17 मई को मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव के पास हुई थी।
2. प्रदर्शन क्यों किया गया?
पीड़ित परिवार और दलित समाज ने आरोपियों को कड़ी सजा और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
3. कलेक्ट्रेट के बाहर जाम क्यों लगा?
मुख्य गेट बंद होने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
4. प्रशासन ने क्या कहा है?
प्रशासन का कहना है कि गेट सुरक्षा कारणों से बंद किया गया था और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।
5. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
मुख्य मांग आरोपियों को फांसी की सजा, निष्पक्ष जांच और वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता की है।

