Firozabad Birth Certificate Delay – फिरोजाबाद नगर निगम: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में महीनों की देरी: नगरायुक्त ने रिकॉर्ड खंगाला, एक निलंबित; पूरी टीम बदलने के संकेतफिरोजाबाद। नगर निगम के जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर नगरायुक्त प्रशांत नागर ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में रिकॉर्ड और लंबित आवेदनों की गहन जांच की।
इस दौरान जनवरी माह से लंबित पड़े आवेदनों और रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर नगरायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। एक कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, और पूरी टीम को बदलने की तैयारी शुरू हो गई है।निरीक्षण में यह पाया गया कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित कई आवेदन महीनों से लंबित हैं। रजिस्टरों में फाइलों को खोजने में काफी समय लगता है, जिसके कारण आम नागरिकों को बार-बार नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नगरायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे रिकॉर्ड को एक्सेल आधारित डिजिटल सिस्टम पर तुरंत फीड किया जाए। इससे केवल नाम टाइप करते ही यह पता चल सकेगा कि संबंधित फाइल किस अधिकारी – सुपरवाइजर, एसडीएम या सीएमओ कार्यालय – के पास लंबित है।उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव किए जाएंगे और पूरी टीम को भी बदला जाएगा, ताकि लोगों को समय पर प्रमाण पत्र मिल सकें।
नगरायुक्त के निरीक्षण में क्या मिला?
औचक निरीक्षण के दौरान नगरायुक्त प्रशांत नागर ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की। कई आवेदन महीनों से लंबित मिले और रिकॉर्ड मैनेजमेंट में गंभीर लापरवाही सामने आई।
पहले और अब की व्यवस्था
पहले जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र कम समय में जारी हो जाते थे, लेकिन अब प्रक्रिया कई विभागों से गुजरने के कारण काफी लंबी हो गई है।
| पहले की व्यवस्था | वर्तमान व्यवस्था |
|---|---|
| 24 घंटे में प्रमाण पत्र | कई महीने की देरी |
| सीमित प्रक्रिया | नगर निगम, SDM और CMO स्तर |
| रिकॉर्ड जल्दी मिलता था | फाइल खोजने में अधिक समय |
| कम शिकायतें | लगातार नागरिकों की शिकायतें |
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FAQs
Q1. फिरोजाबाद नगर निगम में कार्रवाई क्यों हुई?
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में महीनों की देरी और रिकॉर्ड प्रबंधन में खामियां मिलने के कारण कार्रवाई की गई।
Q2. निरीक्षण किसने किया?
नगरायुक्त प्रशांत नागर ने औचक निरीक्षण किया।
Q3. क्या किसी कर्मचारी पर कार्रवाई हुई है?
हाँ, एक कर्मचारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
Q4. रिकॉर्ड सिस्टम में क्या बदलाव होंगे?
रिकॉर्ड को Excel आधारित डिजिटल सिस्टम पर स्थानांतरित किया जाएगा ताकि आवेदन की स्थिति आसानी से ट्रैक की जा सके।
Q5. आम नागरिकों को इससे क्या फायदा होगा?
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज़ होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

