Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) party supporters hold pictures of jailed former Prime Minister Imran Khan during a protest demanding his release in Quetta, Pakistan, on August 5, 2026 [Fayyaz Ahmad/EPA]

पाकिस्तान की शीर्ष अदालत का आदेश: इमरान खान को जेल से अस्पताल ले जाने का निर्देश

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। अदालत ने यह कदम उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उठाई गई चिंताओं और जेल में उनके परिवार से सीमित संपर्क के मुद्दे के बीच उठाया है।

अदालत ने निर्देश दिया कि खान को दो दिनों के भीतर अस्पताल منتقل किया जाए। उनके वकील उजैर भंडारी के अनुसार, तीन सदस्यीय पीठ ने इलाज की निगरानी के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने को भी कहा है। इस बोर्ड में इमरान खान की बहन और डॉक्टर उजमा खान तथा उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल सुल्तान को शामिल किया जाना है।

इमरान खान की सेहत को लेकर क्या चिंता जताई गई?

अदालत के सामने अदियाला जेल के अधीक्षक की ओर से सोमवार को एक रिपोर्ट पेश की गई थी। रिपोर्ट में 10 अगस्त को कार्डियक बोर्ड द्वारा इमरान खान की जांच का उल्लेख था।

रिपोर्ट के अनुसार, खान के ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव देखा गया और परिवार से सीमित संपर्क के कारण उनमें चिंता की स्थिति भी दर्ज की गई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट को लेकर सरकार के वकील से सवाल किए। अदालत ने कहा कि खान की नाड़ी और हृदय की स्थिति सामान्य नहीं थी और उनके महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ने की बात भी सामने आई थी।

हालांकि, सरकार ने इमरान खान की हालत को लेकर PTI की चिंताओं को स्वीकार नहीं किया है। प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने इससे पहले कहा था कि खान को उपलब्ध सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा दी जा रही है और उनकी स्थिति ऐसी नहीं है जैसी PTI द्वारा बताई जा रही है।

परिवार और निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति

इमरान खान के वकील के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल में इलाज के दौरान उनके परिवार को उनसे मिलने की अनुमति देने का भी निर्देश दिया है।

अदालत ने यह भी कहा कि खान को विदेश में रहने वाले अपने बेटों से बातचीत करने की अनुमति मिलनी चाहिए।

अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की गई है। वकील के अनुसार, अदालत के मौजूदा आदेश के तहत खान कम से कम तब तक अस्पताल में रहेंगे।

यह अवधि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त 2023 में जेल जाने के बाद यह पहली बार होगा जब इमरान खान इतने लंबे समय तक जेल परिसर से बाहर रहेंगे।

PTI लंबे समय से कर रही थी अस्पताल भेजने की मांग

इमरान खान की पार्टी PTI काफी समय से उन्हें अदियाला जेल से बाहर किसी अस्पताल में इलाज कराने की मांग कर रही थी। पार्टी का कहना रहा है कि जेल की चिकित्सा व्यवस्था स्वतंत्र विशेषज्ञों से व्यापक जांच का विकल्प नहीं हो सकती।

PTI नेता जुल्फी बुखारी ने कहा कि पार्टी लगातार शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में खान के इलाज और उनके निजी डॉक्टरों की पहुंच की मांग करती रही है।

इससे पहले अदालतें फरवरी के बाद दो बार इसी तरह के स्थानांतरण अनुरोधों पर रोक लगा चुकी थीं। एक मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड से खान की स्थिति का आकलन कराने का निर्देश दिया था।

जेल से अस्पताल तक का फैसला राजनीतिक रूप से भी अहम

इमरान खान का अस्पताल स्थानांतरण केवल स्वास्थ्य से जुड़ा मामला नहीं है। यह फैसला सरकार और PTI के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक टकराव के बीच आया है।

खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और भ्रष्टाचार से जुड़े कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया है। इमरान खान और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं, जबकि सरकार इन आरोपों को स्वीकार नहीं करती।

PTI ने खान तक परिवार, वकीलों और चिकित्सकों की पहुंच को अपने राजनीतिक रुख का अहम हिस्सा बनाया है। पार्टी ने कहा है कि बातचीत आगे बढ़ाने के लिए पहले पहुंच से जुड़े मुद्दों का समाधान जरूरी है।

सरकार ने भी बातचीत की कोशिशों को फिर से आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सबसे पहले इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने और उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड की व्यवस्था पर ध्यान रहेगा।

16 सितंबर की अगली सुनवाई में अदालत उनकी स्वास्थ्य स्थिति और इलाज की प्रगति की समीक्षा कर सकती है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अस्पताल में परिवार और निजी चिकित्सकों की पहुंच को लेकर अदालत के निर्देश किस तरह लागू किए जाते हैं।

PTI ने इस घटनाक्रम के बीच 27 सितंबर को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है। ऐसे में इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और उनके अस्पताल में रहने का मुद्दा पाकिस्तान की राजनीति में आगे भी महत्वपूर्ण बना रह सकता है।

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