Giridih ABVP FIR – गिरिडीह एबीवीपी नेताओं समेत 10 लोगों पर FIR, नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने बताया झूठा मुकदमा गिरिडीह में 21 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन नहीं करने देने को लेकर हुए हंगामे और मारपीट के मामले में राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। मामले में JMM के सक्रिय सदस्य दिलीप मुर्मू की शिकायत पर नगर थाना में ABVP के जिला संयोजक नीरज चौधरी, नितेश तिवारी समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। FIR दर्ज होने के बाद ABVP की ओर से नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने वीडियो जारी कर आरोपों को खारिज किया है। दोनों ने कहा कि उनके खिलाफ जबरन और झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनका दावा है कि 21 अगस्त को जिस समय घटना हुई, उस दौरान वे बोल बम यात्रा में थे और मौके पर मौजूद नहीं थे।
ABVP नेताओं ने आरोप लगाया कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान JMM से जुड़े लोगों ने उनके पार्टी के सदस्यों के साथ मारपीट की। इसके बावजूद अब उन्हीं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।इधर, JMM की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और मारपीट में किसकी भूमिका थी।
गिरिडीह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन से जुड़ा विवाद अब सड़क से निकलकर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई में बदल गया है। 21 अगस्त को झंडा मैदान में प्रदर्शन के दौरान छात्रों और झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच कथित हंगामे तथा मारपीट के बाद दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान होने वाली ऐसी घटनाओं में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि सोशल मीडिया पर दावे और जवाब तेजी से सामने आते हैं, जबकि घटना की वास्तविक तस्वीर पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो पाती है।
इस मामले में JMM के सक्रिय सदस्य दिलीप मुर्मू की शिकायत पर गिरिडीह नगर थाना पुलिस ने ABVP जिला संयोजक नीरज चौधरी, नितेश तिवारी सहित 10 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार शिकायत में कुछ अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने मारपीट, गाली-गलौज, जानलेवा हमला, रुपये और मोबाइल छीनने तथा मोबाइल तोड़ने जैसे आरोप लगाए हैं। ये फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिनकी सत्यता पुलिस जांच के बाद ही तय होगी।
FIR सामने आने के बाद नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने वीडियो जारी कर आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि घटना के समय वे गिरिडीह में मौजूद नहीं थे, बल्कि बोल बम यात्रा पर गए हुए थे। नीरज चौधरी के अनुसार वह 20 अगस्त की शाम गिरिडीह से निकले थे और 21 अगस्त को नितेश तिवारी के साथ धार्मिक यात्रा में शामिल थे। ABVP नेताओं ने इसे कथित तौर पर झूठा और दबाव में दर्ज कराया गया मुकदमा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूसरी तरफ, ABVP नेताओं ने दावा किया है कि पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान JMM से जुड़े लोगों ने उनके संगठन के सदस्यों के साथ मारपीट की थी। ऐसे में समाधान केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि घटनास्थल के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, यात्रा से संबंधित साक्ष्य और दूसरे उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच से निकल सकता है। ध्यान रखना जरूरी है कि FIR दर्ज होना जांच की शुरुआत है, किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने का प्रमाण नहीं।
Giridih ABVP FIR में क्या Allegations लगाए गए हैं?
दिलीप मुर्मू की शिकायत के आधार पर नगर थाना में दर्ज FIR में छात्र संगठन से जुड़े लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विवाद झंडा मैदान में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान बढ़ा था। पुलिस अब शिकायत में दर्ज आरोपों और दूसरी ओर से प्रस्तुत किए गए दावों की जांच कर रही है।
- घटना की तारीख 21 अगस्त बताई गई है।
- मामला गिरिडीह के झंडा मैदान से जुड़ा है।
- FIR में 10 लोगों को नामजद किया गया है।
- मारपीट और गाली-गलौज के आरोप लगाए गए हैं।
- मोबाइल छीनने, तोड़ने और धमकी देने का भी आरोप है।
ABVP Leaders ने सफाई में क्या कहा?
FIR के बाद नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने वीडियो के माध्यम से अपना पक्ष रखा। दोनों नेताओं ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। नीरज चौधरी के मुताबिक वह 20 अगस्त की शाम करीब छह बजे बोल बम यात्रा के लिए गिरिडीह से निकल गए थे। उन्होंने बताया कि नितेश तिवारी भी उनके साथ थे और 21 अगस्त को जल उठाने के बाद वे बाबाधाम की पैदल यात्रा पर रवाना हुए थे।
ABVP नेताओं ने सवाल उठाया कि जब वे घटनास्थल पर उपस्थित नहीं थे तो FIR में उनका नाम किस आधार पर शामिल किया गया। उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया है। हालांकि यह ABVP नेताओं का दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। दोनों ने संबंधित यात्रा और दूसरे साक्ष्यों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है।
JMM Complaint vs ABVP Claim: दोनों पक्ष क्या कह रहे?
पूरे विवाद में शिकायतकर्ता पक्ष और ABVP नेताओं के बयान एक-दूसरे से अलग हैं। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के दावों, घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को साथ देखकर समझना जरूरी है।
| मुद्दा | शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप | ABVP नेताओं का जवाब |
|---|---|---|
| विवाद की शुरुआत | धरना-प्रदर्शन के दौरान विवाद बढ़ा | पुतला दहन रोकने के दौरान कार्यकर्ताओं से मारपीट हुई |
| मारपीट | छात्र संगठन से जुड़े लोगों पर हमला करने का आरोप | JMM से जुड़े लोगों पर संगठन के सदस्यों से मारपीट का आरोप |
| नीरज और नितेश की मौजूदगी | FIR में दोनों को नामजद किया गया | दोनों ने बोल बम यात्रा पर होने का दावा किया |
| अन्य आरोप | मोबाइल, रुपये और धमकी से जुड़े आरोप | आरोपों को झूठा और जबरन दर्ज बताया |
| अगला कदम | पुलिस में शिकायत और FIR | निष्पक्ष एवं साक्ष्य आधारित जांच की मांग |
Police Investigation में किन Points पर रहेगी नजर?
पुलिस जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा घटना के समय आरोपियों की वास्तविक मौजूदगी और विवाद की पूरी टाइमलाइन तय करना होगा। नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने धार्मिक यात्रा पर होने का दावा किया है, जबकि शिकायत में उन्हें नामजद किया गया है। ऐसे में वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध डिजिटल या यात्रा संबंधी साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
यह भी स्पष्ट किया जाना बाकी है कि झंडा मैदान में विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और मारपीट में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार दोनों पक्षों की शिकायतों पर पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं। इसलिए जांच में दोनों पक्षों के आरोपों को समान रूप से परखना जरूरी होगा।
- घटना के समय कौन-कौन मौके पर मौजूद था?
- विवाद और कथित मारपीट की शुरुआत कैसे हुई?
- वीडियो एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान क्या बताते हैं?
- बोल बम यात्रा से जुड़ा दावा उपलब्ध साक्ष्यों से पुष्ट होता है या नहीं?
निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगा सच
Giridih ABVP FIR मामले ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। एक तरफ दिलीप मुर्मू की शिकायत में ABVP से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने घटना के समय बोल बम यात्रा पर होने का दावा करते हुए मुकदमे को झूठा बताया है। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच जल्दबाजी में किसी को दोषी या निर्दोष बताना उचित नहीं होगा।
पुलिस को घटनास्थल के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों, यात्रा से जुड़े साक्ष्यों और दूसरे उपलब्ध तथ्यों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। संबंधित पक्षों को भी जांच में सहयोग करते हुए ऐसे बयान देने से बचना चाहिए जिनसे तनाव और बढ़ सकता है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/giridih/fir-against-10-including-student-leaders-jmm
FAQs: Giridih ABVP FIR से जुड़े सवाल
1. गिरिडीह मामले में कितने लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है?
रिपोर्ट के अनुसार 10 लोगों को नामजद किया गया है। शिकायत में कुछ अज्ञात लोगों का भी उल्लेख है।
2. FIR किसकी शिकायत पर दर्ज की गई है?
यह FIR JMM के सक्रिय सदस्य दिलीप मुर्मू की शिकायत पर दर्ज की गई है।
3. किन ABVP नेताओं के नाम FIR में शामिल हैं?
ABVP जिला संयोजक नीरज चौधरी और नितेश तिवारी के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
4. नीरज चौधरी और नितेश तिवारी ने क्या दावा किया है?
दोनों का दावा है कि घटना के समय वे बोल बम यात्रा पर थे और घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे।
5. मामले की वर्तमान स्थिति क्या है?
पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

