गोदर में हत्या – गिरिडीह बगोदर में मिथिलेश यादव हत्याकांड का खुलासा, होटल मालिक समेत दो गिरफ्तार गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र में राजनीतिक दल से जुड़े नेता मिथिलेश यादव उर्फ छोटी यादव की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए होटल मालिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त टांगी और सब्बल के साथ एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 14 अगस्त की सुबह करीब पांच बजे मिथिलेश यादव की हत्या की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ बगोदर-सरिया के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल के निरीक्षण, तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर दो संदिग्धों से पूछताछ की गई।
पूछताछ में सामने आया कि 13-14 अगस्त की रात करीब 1:45 बजे मिथिलेश यादव शराब के नशे में घाघरा स्थित रिंकू होटल पहुंचे थे। वहां उन्होंने बीयर पी और दूसरी बीयर मांगी। पैसे का भुगतान नहीं होने पर होटल मालिक और स्टाफ ने बीयर देने से इनकार कर दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों में विवाद, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद होटल मालिक महेश रजक और होटल स्टाफ सीमा ठाकुर ने मिथिलेश का पीछा किया। सर्विस रोड में कपसा मंदिर के पास नशे के कारण मिथिलेश के गिरने के बाद दोनों ने कथित रूप से टांगी और सब्बल से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त किया गया।पुलिस ने मामले में महेश रजक (करीब 38 वर्ष), होटल मालिक, निवासी घाघरा, बगोदर और सीमा ठाकुर (करीब 58 वर्ष), होटल स्टाफ, निवासी गोपालडीह, बगोदर को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से हत्या में इस्तेमाल टांगी और सब्बल बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में बगोदर थाना कांड संख्या 161/26 दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की जांच एसआईटी द्वारा की गई।
Beer Dispute से कैसे बढ़ा विवाद?
पुलिस की पूछताछ में सामने आए विवरण के अनुसार, विवाद की शुरुआत दूसरी बीयर देने और उसके भुगतान को लेकर हुई। इसके बाद बहस और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के बाद मिथिलेश का पीछा किया गया और आगे जाकर उन पर हमला किया गया।
- घटना 13-14 अगस्त की रात की बताई गई है।
- मिथिलेश यादव रिंकू होटल पहुंचे थे।
- दूसरी बीयर के भुगतान को लेकर विवाद हुआ।
- विवाद के बाद पीछा करने की बात सामने आई।
- बाद में कपसा मंदिर के पास हमला हुआ।

Accident Theory vs Murder Investigation: क्या सामने आया?
मामले में शुरुआत में घटना को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश का आरोप है। लेकिन पुलिस की जांच ने कथित हत्या की दिशा में जांच को आगे बढ़ाया। इसलिए घटनास्थल, हथियार और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो गए।
| जांच का पहलू | पुलिस के अनुसार स्थिति |
|---|---|
| शुरुआती विवाद | दूसरी बीयर देने से इनकार |
| घटना स्थल | कपसा मंदिर के पास सर्विस रोड |
| मृतक | मिथिलेश यादव |
| आरोपित | महेश रजक और सीमा ठाकुर |
| कथित हथियार | टांगी और सब्बल |
| केस | बगोदर थाना कांड संख्या 161/26 |
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FAQs:गोदर में हत्या
1. बगोदर में हत्या की घटना कब हुई?
पुलिस के अनुसार, घटना 13-14 अगस्त की रात करीब 1:45 बजे के बाद हुई।
2. विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई?
पुलिस के मुताबिक, दूसरी बीयर देने और उसके भुगतान को लेकर विवाद शुरू हुआ था।
3. मामले में कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने होटल मालिक महेश रजक और स्टाफ सीमा ठाकुर को गिरफ्तार किया है।
4. पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस के अनुसार, कथित हत्या में इस्तेमाल टांगी और सब्बल बरामद किए गए हैं।
5. मामले की जांच किसने की?
बगोदर थाना कांड संख्या 161/26 के तहत जांच शुरू की गई थी और मामले की जांच SIT ने की।

