Jual Oram News: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और ओडिशा के सुंदरगढ़ से सांसद जुएल ओराम ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग पैसे खर्च कर उनकी छवि खराब करने और उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। ओराम ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन दावा किया कि उनके खिलाफ अभियान के पीछे राजनीतिक हित जुड़े हो सकते हैं।
नई दिल्ली/भुवनेश्वर, 29 अगस्त 2026: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने के लिए पैसे खर्च कर अभियान चला रहे हैं और उनका उद्देश्य उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाना है। ओराम के मुताबिक, कुछ नेताओं को उम्मीद है कि यदि वह कैबिनेट से बाहर होते हैं तो उन्हें मंत्री पद हासिल करने का अवसर मिल सकता है।
हालांकि, जुएल ओराम ने अपने आरोपों में किसी नेता या व्यक्ति का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने मामले को ओडिशा भाजपा के संगठन महामंत्री मानस मोहंती के सामने उठाया है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय नेतृत्व तक मामला ले जाएंगे।
जुएल ओराम ने क्या आरोप लगाए?

ओराम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कुछ लोग उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस अभियान का मकसद उनकी राजनीतिक स्थिति को कमजोर करना और उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर कराने का रास्ता तैयार करना है।
उन्होंने बिना नाम लिए ऐसे लोगों की ओर इशारा किया जो दूसरी राजनीतिक पार्टियों से भाजपा में आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। भाजपा की ओडिशा इकाई की ओर से भी इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान

जुएल ओराम ने कहा कि उन्होंने पहले आगे चुनाव नहीं लड़ने की बात कही थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों के बीच उन्होंने 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
ओराम सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और लंबे समय से ओडिशा भाजपा के प्रमुख आदिवासी नेताओं में शामिल रहे हैं। संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उन्हें सुंदरगढ़ (ST) लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद के रूप में दर्ज किया गया है।
किस घटना के बाद तेज हुआ विवाद?
जुएल ओराम के आरोप ऐसे समय आए हैं जब उनके प्रतिनिधि प्रकाश पासवान की गिरफ्तारी को लेकर ओडिशा में राजनीतिक विवाद चल रहा है।
राउरकेला के सरकारी सर्किट हाउस में हथियार और कथित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की थी। प्रकाश पासवान, जो जुएल ओराम के राउरकेला नगर निगम में प्रतिनिधि रहे हैं, को पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया।
इससे पहले भाजपा ने पासवान को पार्टी से निलंबित कर दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, जिस कमरे से हथियार बरामद होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, उसकी बुकिंग पासवान के नाम से जुड़ी बताई गई थी। पासवान ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
जुएल ओराम ने पासवान के मामले पर क्या कहा था?

विवाद सामने आने के बाद जुएल ओराम ने कहा था कि यदि उनके प्रतिनिधि के खिलाफ आरोप हैं तो मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि वह दोषी पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इससे स्पष्ट होता है कि ओराम ने मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया का समर्थन करने की बात कही थी।
जुएल ओराम ने किसे जिम्मेदार बताया?

ओराम ने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ऐसे लोग उनके खिलाफ काम कर रहे हैं जो दूसरी राजनीतिक पार्टियों से भाजपा में आए हैं।
उनका दावा है कि ऐसे लोगों को उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर होने पर राजनीतिक लाभ मिल सकता है। यह जुएल ओराम का आरोप है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जाना चाहिए।
यही अंतर इस खबर को रिपोर्ट करते समय महत्वपूर्ण है: आरोप, पुलिस जांच और स्थापित तथ्य—तीनों को अलग-अलग रखना जरूरी है।
क्या भाजपा ने जुएल ओराम के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जुएल ओराम के आरोपों पर ओडिशा भाजपा की ओर से तत्काल कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ओराम ने कहा कि उन्होंने मामला राज्य स्तर पर संगठन महामंत्री मानस मोहंती के सामने रखा है और जरूरत पड़ने पर केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क करेंगे।
जुएल ओराम कौन हैं?

जुएल ओराम ओडिशा के वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री हैं। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट उन्हें Cabinet Minister के रूप में सूचीबद्ध करती है।
संसद के रिकॉर्ड के अनुसार, उनका जन्म 22 मार्च 1961 को हुआ और वह सुंदरगढ़ (ST), ओडिशा से लोकसभा सदस्य रहे हैं।
उनका राजनीतिक करियर ओडिशा भाजपा और आदिवासी राजनीति से लंबे समय से जुड़ा रहा है। वह पहले भी केंद्र सरकार में जनजातीय मामलों से संबंधित मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
जुएल ओराम विवाद: अभी तक क्या पता है?
| सवाल | उपलब्ध जानकारी |
| आरोप किसने लगाया? | केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम |
| आरोप क्या है? | उन्हें बदनाम करने और कैबिनेट से हटाने की कथित कोशिश |
| क्या किसी व्यक्ति का नाम लिया गया? | नहीं |
| क्या पैसे खर्च करने का आरोप है? | हां, ओराम ने ऐसा दावा किया |
| आरोप किस संदर्भ में आया? | उनके प्रतिनिधि प्रकाश पासवान से जुड़े राउरकेला मामले के बीच |
| क्या आरोप स्वतंत्र रूप से साबित हुए हैं? | अभी नहीं |
| क्या ओराम 2029 चुनाव लड़ेंगे? | उन्होंने चुनाव लड़ने की बात कही है |
| भाजपा की आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया? | उपलब्ध रिपोर्टों में तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं |
जुएल ओराम के बयान का राजनीतिक महत्व क्या है?

यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जुएल ओराम भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से ओडिशा की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उनका आरोप पार्टी के भीतर संभावित राजनीतिक तनाव की ओर संकेत करता है, लेकिन इसे पार्टी के अंदर किसी निश्चित गुटीय संघर्ष का प्रमाण मानना अभी जल्दबाजी होगी।
दूसरी ओर, उनके प्रतिनिधि से जुड़ा राउरकेला सर्किट हाउस मामला इस पूरे विवाद की तत्काल पृष्ठभूमि है। पुलिस कार्रवाई और जांच के परिणाम सामने आने के बाद ही इस प्रकरण के व्यापक राजनीतिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
निष्कर्ष
जुएल ओराम ने अपने खिलाफ कथित अभियान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कुछ लोग पैसे खर्च कर उनकी छवि खराब करने तथा उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके प्रतिनिधि प्रकाश पासवान की गिरफ्तारी से जुड़ा राउरकेला सर्किट हाउस मामला चर्चा में है। फिलहाल जुएल ओराम के कथित राजनीतिक षड्यंत्र संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आगे की जांच, भाजपा की प्रतिक्रिया और संबंधित पक्षों के बयानों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
Frequently Asked Questions
जुएल ओराम ने क्या आरोप लगाया है?
जुएल ओराम ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग पैसे खर्च कर उन्हें बदनाम करने और उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाना हो सकता है।
क्या जुएल ओराम ने किसी नेता का नाम लिया है?
नहीं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जुएल ओराम ने अपने आरोपों में किसी विशिष्ट नेता या व्यक्ति का नाम नहीं लिया है। उन्होंने केवल कुछ नेताओं के दूसरी पार्टियों से भाजपा में आने का उल्लेख किया।
जुएल ओराम अभी कौन सा मंत्रालय संभाल रहे हैं?
भारत सरकार की जनजातीय कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार जुएल ओराम केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री हैं।
प्रकाश पासवान कौन हैं?
प्रकाश पासवान ओडिशा भाजपा से जुड़े नेता रहे हैं और जुएल ओराम के राउरकेला नगर निगम प्रतिनिधि के रूप में काम कर चुके हैं। उन्हें राउरकेला सर्किट हाउस मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
प्रकाश पासवान की गिरफ्तारी किस मामले में हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, राउरकेला के सरकारी सर्किट हाउस में हथियारों की बरामदगी और कथित तौर पर अपराधियों को ठहराने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। पासवान पर आरोप है कि वह इस प्रकरण में शामिल थे। उन्होंने आरोपों से इनकार किया है।
क्या जुएल ओराम 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे?
जुएल ओराम ने अपने हालिया बयान में कहा कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने इससे पहले चुनावी राजनीति से दूर रहने की बात कही थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में अपना फैसला बदलने की घोषणा की।
क्या जुएल ओराम के खिलाफ साजिश के आरोप साबित हो चुके हैं?
नहीं। फिलहाल यह जुएल ओराम द्वारा लगाया गया राजनीतिक आरोप है। उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी कथित षड्यंत्र के ठोस सार्वजनिक प्रमाण की जानकारी नहीं है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
आगे की स्थिति भाजपा की आंतरिक प्रतिक्रिया, पुलिस जांच, प्रकाश पासवान से जुड़े मामले की प्रगति और जुएल ओराम द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में सामने आने वाली जानकारी पर निर्भर करेगी।

