Jhansi Nandini Yojana – नंदिनी योजना में सियासी नाम, उठ रहे सवाल, विधायक की पत्नी और गौ आयोग अध्यक्ष का नाम! लाभार्थी सूची पर उठे सवाल, झांसी में सियासी हड़कंपझांसी में किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए बनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना को लेकर सियासी सवाल खड़े हो गए हैं। लाभार्थी सूची में सदर विधायक रवि शर्मा की पत्नी सुनीता शर्मा और गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का नाम सामने आया है। सवाल तल्ख है,क्या योजना में पात्रता की कसौटी पर सभी आवेदकों को बराबर तौला गया
नंदिनी योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में डेयरी किसानों और महिला दुग्ध उत्पादकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए की गई थी। करीब 62 लाख 50 हजार रुपये की परियोजना पर 50 फीसदी, यानी 31 लाख 25 हजार रुपये तक सहायता का प्रावधान बताया गया है।झांसी में करीब 26 आवेदन आए और शुरुआती चरण में चार लाभार्थियों के चयन की जानकारी है। इनमें सुनीता शर्मा, श्याम बिहारी गुप्ता के साथ नीरज राय और कृष्णा देवी के नाम बताए जा रहे हैं।
योजना के नियमों में तीन वर्ष का पशुपालन अनुभव, जरूरी डेयरी संसाधन और निर्धारित जमीन जैसी पात्रताएं बताई गई हैं।अब सवाल हैक्या चयनित सभी लाभार्थियों ने ये शर्तें पूरी की थीं? अगर हां, तो विभाग पात्रता और चयन प्रक्रिया की पूरी तस्वीर सार्वजनिक कर सवालों पर विराम लगाए।उपलब्ध जानकारी के मुताबिक लाभ योजना के प्रावधानों के तहत दिया गया है। लिहाजा जांच से पहले अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लेकिन सवाल गंभीर है।सरकारी योजना में पात्रता बड़ी है या पहुंच।
Nandini Krishak Samriddhi Yojana क्या है?
यह योजना सामान्य नकद सहायता नहीं, बल्कि 25 स्वदेशी दुधारू गायों वाली व्यवस्थित डेयरी यूनिट तैयार करने की परियोजना है। अनुदान एक साथ देने के बजाय आधारभूत संरचना, गायों की खरीद और निर्धारित लक्ष्य पूरे होने के आधार पर अलग-अलग चरणों में जारी किया जाता है।
- अधिकतम परियोजना लागत: ₹62.50 लाख
- सरकारी अनुदान: अधिकतम ₹31.25 लाख
- लाभार्थी का अंश: 15 प्रतिशत
- बैंक ऋण का हिस्सा: 35 प्रतिशत
- पात्र नस्लें: साहीवाल, गिर, थारपारकर और गंगातीरी
लाभार्थी सूची पर Why उठ रहे सवाल?
इस विवाद की वजह केवल लाभार्थी सूची में सियासी पहचान वाले नामों का सामने आना नहीं है। बड़ा मुद्दा यह है कि पात्रता की जांच किस स्तर पर हुई और सभी आवेदकों को समान अवसर मिला या नहीं। सामने आई रिपोर्ट में सुनीता शर्मा, श्याम बिहारी गुप्ता, नीरज राय और कृष्णा देवी को चयनित लाभार्थी बताया गया है। इससे पहले झांसी में योजना की प्रगति पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में वर्ष 2023-24 के दौरान चार पशुपालकों को लाभ मिलने की बात कही गई थी, हालांकि उसमें उनके नाम नहीं दिए गए थे। झांसी में योजना की स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि स्वदेशी नस्ल की 25 गायें उपलब्ध न होने के कारण योजना का लक्ष्य प्रभावित हुआ।
Eligibility Rules और उठ रहे Questions
योजना में केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं है। आवेदक को पशुपालन अनुभव, जमीन, वित्तीय क्षमता और डेयरी यूनिट स्थापित करने की तैयारी से जुड़ी कई शर्तें पूरी करनी होती हैं। मौजूदा विवाद में इन्हीं बिंदुओं पर आधिकारिक स्पष्टीकरण की जरूरत दिखाई देती है।
| योजना की निर्धारित शर्त | आधिकारिक प्रावधान | सार्वजनिक रूप से उठ रहा सवाल |
|---|---|---|
| पशुपालन अनुभव | कम से कम 3 वर्ष | क्या सभी चयनित आवेदकों का अनुभव प्रमाणित हुआ? |
| डेयरी यूनिट की जमीन | लगभग 0.5 एकड़ | जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन कब हुआ? |
| चारा उत्पादन की जमीन | लगभग 1.5 एकड़ | चारे की स्थायी व्यवस्था कैसे जांची गई? |
| वित्तीय हिस्सेदारी | 15% लाभार्थी, 35% बैंक ऋण | क्या बैंक और लाभार्थी की क्षमता सत्यापित हुई? |
| चयन प्रक्रिया | अधिक आवेदन होने पर ई-लॉटरी | 26 आवेदनों में चयन किस प्रक्रिया से हुआ? |
| पूर्व योजना का लाभ | कामधेनु योजनाओं के पुराने लाभार्थी अपात्र | क्या पिछली योजनाओं का रिकॉर्ड जांचा गया? |
पात्रता बड़ी या राजनीतिक पहुंच?
Jhansi Nandini Yojana को लेकर उठा विवाद केवल चार नामों तक सीमित नहीं है। यह सवाल सरकारी सहायता योजनाओं में बराबर अवसर, पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़ा है। सदर विधायक की पत्नी या गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष का नाम लाभार्थी सूची में होना अपने आप में नियम तोड़ने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। यदि उन्होंने दूसरे आवेदकों की तरह सभी पात्रता शर्तें पूरी की हैं और निष्पक्ष प्रक्रिया से चयनित हुए हैं, तो उन्हें योजना का लाभ मिल सकता है।
SOURCE LINK – https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/Nandani-Krishak-Samridhi-Yojna.php
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FAQs: Jhansi Nandini Yojana
1. नंदिनी कृषक समृद्धि योजना कब शुरू हुई थी?
यह योजना वर्ष 2023 में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत शुरू की गई थी।
2. योजना में अधिकतम कितना अनुदान मिलता है?
पात्र लाभार्थी को ₹62.50 लाख की परियोजना पर अधिकतम ₹31.25 लाख यानी 50 प्रतिशत अनुदान मिल सकता है।
3. झांसी की लाभार्थी सूची पर विवाद क्यों है?
रिपोर्ट में विधायक की पत्नी और गौ सेवा आयोग अध्यक्ष सहित कुछ सियासी पहचान वाले नाम बताए जाने के बाद चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
4. क्या राजनीतिक व्यक्ति या उसका परिवार योजना के लिए अपात्र है?
आधिकारिक नियमों में केवल राजनीतिक संबंध के आधार पर अपात्रता का उल्लेख नहीं है। आवेदक को सभी निर्धारित पात्रताएं पूरी करनी होती हैं।
5. क्या सूची में अनियमितता साबित हो चुकी है?
नहीं। अभी नामों और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। किसी अनियमितता का निष्कर्ष आधिकारिक जांच और दस्तावेजों के बाद ही निकाला जा सकता है।

