कन्नौज इस मामले को सौरिक क्षेत्र के राजपुर गाँव में एक पंचायत सहायक की मौत के संबंध में तेजी से बढ़ता जा रहा है। 7 सितंबर को पंचायत सहायक बी.पी.काथेरिया का शव पंचायत भवन के अंदर एक रस्सी से लटका हुआ मिला।इस घटना के बाद उनके रिश्तेदार इसे आत्महत्या का मामला नहीं मान रहे हैं।रिश्तेदारों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सहायक का शव उसकी हत्या के बाद पंचायत भवन के अंदर लटका दिया गया था।
रिश्तेदारों के अनुसार मृतक के शरीर पर आत्महत्या का एक नोट भी मिला था जिसमे लिखा था कि एक महिला ने पंचायत सहायक की हत्या की थी।इस आधार पर रिश्तेदार अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।
आरोपियों पर कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने से परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने वहां धरना देकर मामले में निष्पक्ष जांच कराने और जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई।
सुसाइड नोट को लेकर भी उठ रहे सवाल
मामले में कथित सुसाइड नोट जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। परिजनों के अनुसार, नोट में एक महिला का उल्लेख करते हुए उसे पंचायत सहायक की मौत का कारण बताया गया है। हालांकि, सुसाइड नोट की वास्तविकता, उसकी लिखावट और उसमें दर्ज आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों का आरोप है कि पंचायत सहायक की मौत के पीछे साजिश हो सकती है। वहीं, पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर ग्रामीणों ने की गिरफ्तारी की मांग
गुरुवार को ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पंचायत सहायक की मौत के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार को न्याय मिलने तक मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
फिलहाल यह मामला कन्नौज पुलिस जांच के दायरे में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, कथित सुसाइड नोट और अन्य जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने पंचायत सहायक की मौत की पूरी घटना की जांच कराने और कथित सुसाइड नोट में सामने आए तथ्यों को जांच में शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच होनी चाहिए, ताकि मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
परिजनों ने अधिकारियों से मांग की कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि परिवार को न्याय मिलने तक मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
इस मामले में पुलिस के सामने घटनास्थल से मिले साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कथित सुसाइड नोट समेत अन्य तथ्यों की जांच अहम होगी। पुलिस जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत सहायक की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
फिलहाल ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। परिजन और ग्रामीण पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
FAQS
1. कन्नौज में पंचायत सहायक का शव कब मिला था?
सौरिख क्षेत्र के राजपुर गांव निवासी पंचायत सहायक बीपी कठेरिया का शव 7 सितंबर को पंचायत भवन में फंदे से लटका मिला था।
2. परिजनों ने पंचायत सहायक की मौत को लेकर क्या आरोप लगाया है?
परिजनों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सहायक की हत्या करने के बाद शव को पंचायत भवन में लटकाया गया। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
3. क्या पंचायत सहायक के पास से सुसाइड नोट मिला था?
परिजनों के अनुसार, मृतक के पास से एक कथित सुसाइड नोट मिला था। इसमें एक महिला को उसकी मौत का कारण बताया गया था। इसकी वास्तविकता की जांच होना बाकी है।
4. ग्रामीण कलेक्ट्रेट क्यों पहुंचे?
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज परिजन और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने धरना देकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
5. मामले में अब पुलिस की जांच में क्या महत्वपूर्ण होगा?
पुलिस के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, कथित सुसाइड नोट और अन्य परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

