बलरामपुर में सरकारी जमीन पर निर्माण का आरोप, DM से शिकायत; मदरसा और उर्दू कोचिंग सेंटर को लेकर जांच शुरू

बलरामपुर में सरकारी जमीन पर निर्माण का आरोप, DM से शिकायत; मदरसा और उर्दू कोचिंग सेंटर को लेकर जांच शुरू

बलरामपुर। बलरामपुर में छांगुर प्रकरण के बाद सरकारी जमीन से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा अड़ार पाकड़ में राजस्व अभिलेखों में बंजर और पानी की श्रेणी में दर्ज जमीन पर कथित रूप से निर्माण कर मदरसा और उर्दू कोचिंग सेंटर संचालित किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच के साथ जमीन की पैमाइश, सीमांकन और स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित गाटा संख्या वाली जमीन सरकारी अभिलेखों में बंजर और पानी की श्रेणी में दर्ज है। इसके बावजूद वहां भवन निर्माण कर कथित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। मामले में शिकायत मिलने के बाद सदर तहसील प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार का कहना है कि राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति की जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अड़ार पाकड़ में गाटा संख्या 1241क, 1241ख और 1242 को लेकर शिकायत

मामला बलरामपुर सदर तहसील के ग्राम सभा अड़ार पाकड़ का है। शिकायत में गाटा संख्या 1241क, 1241ख और 1242 का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 1241क और 1241ख को बंजर श्रेणी में दर्ज किया गया है, जबकि गाटा संख्या 1242 पानी की श्रेणी में दर्ज बताई गई है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित जमीन की वास्तविक स्थिति और राजस्व अभिलेखों में दर्ज स्थिति का मौके पर मिलान कराया जाना जरूरी है। इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से संयुक्त सीमांकन और स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है।

सरकारी जमीन पर भवन निर्माण का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि संबंधित जमीन पर भवन का निर्माण कर मदरसा और उर्दू कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था। उनका कहना है कि यदि जमीन सरकारी श्रेणी में दर्ज है तो निर्माण के लिए अनुमति और भूमि उपयोग से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच होनी चाहिए।

इसी को लेकर 15 जुलाई 2026 को महेश कुमार पाण्डेय, जगदम्बाप्रसाद, राकेश तिवारी, पालकराम और शुक्ल ओण्डलाश मिश्रा ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जमीन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।

पैमाइश और स्थलीय जांच की मांग

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से संबंधित जमीन का संयुक्त सीमांकन कराने की मांग की है। इसके साथ ही मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर यह पता लगाने की मांग की गई है कि जमीन का वास्तविक उपयोग किस रूप में हो रहा है।

शिकायत में निर्माण से संबंधित अनुमति, भूमि उपयोग और अन्य जरूरी दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दस्तावेज और मौके की स्थिति सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि पर किया गया निर्माण नियमों के अनुरूप है या नहीं।

कथित मदरसा बंद होने की बात

स्थानीय लोगों के मुताबिक शिकायत के बाद कथित मदरसा बंद कर दिया गया है। हालांकि, इसके संबंध में प्रशासन की ओर से अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

शिकायत में कथित संचालक छेददन के खिलाफ भी जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

तहसीलदार ने कहा- जांच शुरू कर दी गई है

सदर तहसीलदार के मुताबिक मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों में दर्ज जमीन की श्रेणी, मौके की वास्तविक स्थिति और संबंधित भूमि के सीमांकन की जांच की जाएगी।

तहसीलदार के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित जमीन पर निर्माण किस स्थिति में किया गया और उसके लिए आवश्यक अनुमति या दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।

अवैध निर्माण की पुष्टि हुई तो कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि यदि जांच में सरकारी या पानी की श्रेणी वाली जमीन पर अवैध निर्माण अथवा अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे हटाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।

फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है। राजस्व अभिलेखों, सीमांकन और स्थलीय निरीक्षण के बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसलिए अभी किसी भी पक्ष पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

बलरामपुर के अड़ार पाकड़ में सरकारी जमीन को लेकर की गई शिकायत के बाद अब प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि राजस्व अभिलेखों और मौके की जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

यदि जांच में संबंधित भूमि सरकारी या पानी की श्रेणी में दर्ज पाई जाती है और उस पर नियमों के विपरीत निर्माण की पुष्टि होती है, तो प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि निर्माण वैध अनुमति और दस्तावेजों के आधार पर पाया जाता है तो उसकी स्थिति भी जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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FAQs

1. बलरामपुर में सरकारी जमीन को लेकर शिकायत कहां की गई है?
शिकायत बलरामपुर सदर तहसील के ग्राम सभा अड़ार पाकड़ में जमीन को लेकर जिलाधिकारी से की गई है।

2. किन गाटा नंबरों को लेकर शिकायत हुई है?
शिकायत में गाटा संख्या 1241क, 1241ख और 1242 का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार 1241क और 1241ख बंजर तथा 1242 पानी की श्रेणी में दर्ज है।

3. जमीन पर किस तरह के निर्माण का आरोप है?
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित जमीन पर भवन निर्माण कर मदरसा और उर्दू कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा था।

4. शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से क्या मांग की है?
उन्होंने संयुक्त पैमाइश, सीमांकन, स्थलीय निरीक्षण और निर्माण व भूमि उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

5. प्रशासन ने मामले में क्या कार्रवाई की है?
सदर तहसीलदार के मुताबिक मामले की जांच शुरू कर दी गई है। राजस्व अभिलेख और मौके की स्थिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

6. क्या अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी है?
अभी इसकी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच पूरी होने और राजस्व अभिलेखों व स्थलीय स्थिति के मिलान के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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