EC takes a strict stance on the transfer of election officials in UP; Election Commission issues stringent guidelines.

Uttar Pradesh-यूपी में चुनावी अधिकारियों के तबादलों पर EC सख्त, निर्वाचन आयोग ने जारी किए कड़े दिशा-निर्देश

भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण के सख्त नियम जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार एक ही जिले में तीन साल पूरे कर चुके और गृह जिले में तैनात अफसरों को हटाया जाएगा। मुख्य सचिव और डीजीपी को 30 नवंबर तक पालन रिपोर्ट सौंपनी होगी।

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यों से सीधे तौर पर जुड़े अधिकारियों के तबादले और तैनाती के सिलसिले में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार एक ही जिले में निर्धारित अवधि तक तैनात रहे अधिकारियों का तबादला किया जाएगा और पिछले विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में तैनात रहे अधिकारियों की उसी विधानसभा क्षेत्र या जिले में दोबारा तैनाती पर रोक रहेगी। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार देर रात एक बयान में कहा कि आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।

उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों ने पिछले चार वर्षों के दौरान 31 मई 2027 तक एक ही जिले में तीन वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर ली होगी, उन्हें निर्धारित स्थानांतरण नीति के अनुसार जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाना है। रिणवा के मुताबिक मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को स्थानांतरण एवं तैनाती संबंधी कार्रवाई की समेकित रिपोर्ट अगले महीने 30 नवंबर तक आयोग को भेजनी होगी। उन्होंने बताया कि इस नीति के दायरे में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अफसर, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, संयुक्त मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी सहित निर्वाचन कार्यों से सीधे जुड़े अन्य समान रैंक के अधिकारी शामिल हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह निर्देश मंडलायुक्तों, नगर आयुक्तों तथा नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों में कार्यरत संबंधित अधिकारियों पर भी लागू होंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में उप निरीक्षक और उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों के अलावा आबकारी विभाग में उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों तथा उनसे ऊपर के अधिकारियों को भी स्थानांतरण नीति के दायरे में रखा गया है। रिणवा के मुताबिक परिवहन विभाग के उप निरीक्षक और उनसे उच्च स्तर के क्षेत्रीय अधिकारियों पर भी यह निर्देश लागू होंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिकारियों की तैनाती उनके गृह जिलों में नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी तथा पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक और उनसे वरिष्ठ अधिकारियों को उस विधानसभा क्षेत्र या जिले में दोबारा तैनात नहीं किया जाएगा, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए किसी उपचुनाव के दौरान तैनात थे। निर्देशों के तहत राज्य मुख्यालयों में पदस्थ संबंधित विभागीय अधिकारियों, निर्वाचन कार्य से असंबद्ध तकनीकी कर्मियों तथा सेक्टर अधिकारी और जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों को सामान्यतः छूट दी गई है।

रिणवा ने बताया कि 31 मई, 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को भी स्थानांतरण नीति से छूट मिलेगी, लेकिन उन्हें निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों का प्रभार नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छूट प्राप्त अधिकारियों के कामकाज पर भी नजर रखी जाएगी ताकि वे निष्पक्ष और पक्षपात रहित तरीके से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

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