उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर जारी मतगणना के बीच पांच सीटों के आधिकारिक नतीजे सामने आ गए हैं। इनमें से चार सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने परचम लहराया, जबकि एक सीट पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की। कई अन्य स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों में सपा प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई हुई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 सीट के चुनाव के लिए जारी मतगणना में अब तक पांच सीट के परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित किए गए हैं जिनमें से चार सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एक पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने जीत हासिल की है। हालांकि, वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत का दावा किया है, जबकि वाराणसी खंड स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीट पर सपा के डॉ. मानसिंह यादव और लखनऊ खंड स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह मजबूत बढ़त बनाये हुए हैं। आधिकारिक रूप से घोषित परिणामों के अनुसार, भाजपा ने बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन सीट, लखनऊ खंड शिक्षक सीट और मेरठ की खंड शिक्षक एवं खंड स्नातक सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि सपा ने आगरा-अलीगढ़ खंड शिक्षक सीट पर जीत दर्ज की है।
लखनऊ खंड शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी ने एक बार फिर जीत हासिल की है। घोषित परिणामों के अनुसार, द्विवेदी को 13,179 मत मिले, जबकि कुमार को 8,371 मत प्राप्त हुए। आधिकारिक परिणाम के अनुसार, बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक सीट से भाजपा के उम्मीदवार डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने सपा प्रत्याशी दानिश अख्तर को 17,676 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की है।
इस सीट पर भाजपा ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की है। आगरा से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, आगरा-अलीगढ़ खंड शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के हरि किशोर तिवारी को हराकर जीत हासिल की है। बुधवार को मंडी समिति मतगणना केंद्र पर अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र सौंपा गया।
वहीं, आगरा-अलीगढ़ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह जीत की ओर बढ़ रहे हैं और दोपहर के बाद परिणाम घोषित होने की संभावना है। खंड शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हुई थी। मेरठ में खंड शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर भी भाजपा ने जीत हासिल की।
इनके परिणाम मंगलवार देर रात घोषित किए गए थे। एक अधिकारी के मुताबिक, भाजपा उम्मीदवार दिनेश कुमार गोयल (मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र) और श्री चंद शर्मा (मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) विजयी हुए। विजेताओं को प्रमाणपत्र भी सौंप दिए गए हैं।
वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने 5,000 से अधिक मतों की बढ़त बना ली है और जीत का दावा भी किया है। हालांकि, उनकी जीत की तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। चंदौली से सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने वाराणसी शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव के लिए मतगणना को लेकर जिला प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन परिणाम घोषित नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि यादव की जीत के बावजूद करीब छह घंटे तक परिणाम की आधिकारिक घोषणा नहीं किए जाने से संदेह पैदा होता है। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पांचवें दौर की मतगणना के बाद सपा के डॉ. मानसिंह यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के अशोक राठौड़ से काफी आगे हैं।
इससे पहले, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सपा प्रत्याशी अग्रवाल फटा कुर्ता पहने दिखाई दे रहे हैं और उनके समर्थक उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। यादव ने पोस्ट में कहा, ‘‘अब भाजपा खुद ही बताए कि आगरा से जीतते हुए सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉक्टर आकाश अग्रवाल के साथ उसके लोगों द्वारा किया गया यह व्यवहार कितना जायज है।’’ उन्होंने निर्वाचन आयोग के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति से भी मामले का तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया और प्रशासन से अग्रवाल को जीत का प्रमाणपत्र तुरंत देने का आग्रह किया। यादव ने कहा कि अग्रवाल के साथ हुए ऐसे अमानवीय व्यवहार और हिंसा के वीडियो देखकर पूरा समाज बेहद आक्रोशित है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब तो अग्रवाल समाज भी समझ गया है कि सच में ‘भाजपा किसी की सगी नहीं है।’’ वहीं, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने अंतिम चरण की मतगणना के बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव पर मामूली बढ़त बना रखी है। इस सीट पर मतगणना के दौरान मतों की संख्या में अंतर और मतगणना प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ। मऊ के एक बूथ की मतपेटी में दर्ज संख्या से 52 मत अधिक मिलने पर प्रत्याशियों ने आपत्ति जताई।
इसके अलावा, एक प्रत्याशी की शिकायत के बाद अयोध्या के अपर आयुक्त अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटा दिया गया। हालांकि, प्रशासन ने कहा कि मतगणना नियमानुसार कराई जा रही है।

