गिरिडीह में वज्रपात का कहर, 24 घंटे में 10 की मौत
Jharkhand News – गिरिडीह जिले में पिछले 24 घंटों में हुई वज्रपात की घटनाओं ने कई परिवारों में दुख की लहर पैदा कर दी है, जिसमें 10 लोगों की मृत्यु और 8 अन्य के गंभीर रूप से झुलसने के मामले शामिल हैं। सबसे भयानक घटना देवरी थाना क्षेत्र में हुई, जहां पेड़ के नीचे मोबाइल गेम खेल रहे चार छात्रों सहित पांच युवा मौत के शिकार हो गए। मृतकों में चचेरे भाई अर्जुन कुमार साव (17), विष्णुदेव साव (13), अविनंदन उर्फ गजेंद्र साव (15), और किशोर कुश कुमार तिवारी (18) शामिल हैं। इनके अलावा, एक किसान संतोष तिवारी (40) की भी खेत में वज्रपात से मृत्यु हुई है।
वहीं नवडीहा क्षेत्र में आयी एक अन्य घटना में, आरती देवी (28) की कंधे पर रखे लोहे के कुदाल पर बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में अन्य दो महिलाएं भी गंभीर रूप से झुलस गईं। जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक, जैसे मंजू कुमारी, मृतक परिवारों से मिलने पहुंचे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तड़ित चालकों की आवश्यकता पर बल दिया।
ये घटनाएं न केवल व्यक्तिगत त्रासदी हैं, बल्कि पूरे इलाके में निर्माण, कृषि और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर रही हैं। विभिन्न स्थलों पर तनावपूर्ण और शोकाकुल वातावरण बना हुआ है, जबकि अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है।

गिरिडीह जिले में पिछले 24 घंटे में वज्रपात की भीषण घटनाओं से 10 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सबसे गंभीर घटना देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी में हुई, जहां 4 छात्र मोबाइल गेम खेलते समय आकाशीय बिजली के संपर्क में आ गए और 5 लोगों की मृत्यु हो गई। इसमें तीन चचेरे भाई शामिल थे। इसके अलावा मां को खेत में धान रोपने के दौरान थपका गिरने से पूनम देवी की भी मौके पर मौत हो गई। गांडेय में एक युवक, बगोदर में मजदूर और बिरनी में एक वृद्ध किसान भी प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में तड़ित चालक लगाने की सिफारिश की है और लोगों को खराब मौसम में सुरक्षित रहने की सलाह दी है। मृतकों के परिवारों को आपदा राहत सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
Giridih में क्या हुआ? पूरी घटना एक नजर में
गिरिडीह जिले के कई इलाकों में अलग-अलग समय पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। इनमें छात्र, किसान, मजदूर और महिलाएं इसकी चपेट में आ गए।
मुख्य Highlights
- 24 घंटे में 10 लोगों की मौत।
- 8 लोग गंभीर रूप से झुलसे।
- देवपहाड़ी में सबसे बड़ा हादसा।
- खेतों और खुले इलाकों में हुईं अधिकतर घटनाएं।
- राहत और मुआवजा प्रक्रिया शुरू।

प्रमुख घटनाएं एक नजर में
विभिन्न क्षेत्रों में हुई घटनाओं ने पूरे जिले को प्रभावित किया।
| क्षेत्र | घटना | प्रभाव |
|---|---|---|
| देवपहाड़ी (देवरी) | छात्रों पर वज्रपात | 5 मौतें |
| नवडीहा | महिला पर बिजली गिरी | 1 मौत, 2 घायल |
| खेतों में | किसान और मजदूर प्रभावित | कई मौतें |
| गांडेय, बगोदर, बिरनी | अलग-अलग घटनाएं | जनहानि और घायल |
JSSC कथित घोटाला: जेएलकेएम का गिरिडीह में धरना, सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम
शिबू सोरेन प्रथम पुण्यतिथि: गिरिडीह में श्रद्धांजलि सभा, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू हुए भावुक
FAQs
Q1. गिरिडीह में वज्रपात से कितने लोगों की मौत हुई?
पिछले 24 घंटे में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हुई।
Q2. सबसे बड़ा हादसा कहां हुआ?
देवरी थाना क्षेत्र के देवपहाड़ी में, जहां एक साथ कई लोग वज्रपात की चपेट में आ गए।
Q3. वज्रपात के दौरान सबसे सुरक्षित जगह कौन-सी होती है?
मजबूत पक्का भवन या बंद वाहन सबसे सुरक्षित माने जाते हैं।
Q4. क्या खेत में काम करना वज्रपात के समय खतरनाक है?
हां, बारिश और गरज-चमक के दौरान खेत या खुले मैदान में रहना बेहद जोखिम भरा होता है।
Q5. प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
मृतकों के परिवारों को राहत सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है और ग्रामीण क्षेत्रों में तड़ित चालक लगाने पर जोर दिया जा

