बारेली : हाल ही में एक दुर्घटना हुई जब तीन लोगों की जान नदी के तेज धाराओं के कारण गई जो कि बारेली के दारुआपुर गाँव के पास आरी नदी को पार करते समय राप्ता पुल से गुजर रहे थे । तीन पुरुषों जिनके नाम हैं नितिन मौर्य ,प्रेम मौर्य और बिशेन स्वरूप जो कि अपनी बाइक के साथ बह गए थे उनके शव अब बरामद हो गए हैं । बचाव टीम ने बुधवार को लगातार तीन दिनों की खोज के बाद आखिरी गायब युवक नितिन मौर्य का शव निकाल लिया है । इसका मतलब है कि तीन युवकों की खोज पूरी हो गई है और प्रशासन ने बचाव अभियान रोक दिया है ।
यह दुर्घटना सोमवार शाम 5:30 बजे आरी नदी के पास अनवल-अतरचादी रोड पर हुई थी जो कि दारुआपुर गाँव के पास है । माना जा रहा है कि तीन युवक अपनी बाइक से राप्ता पुल पार कर रहे थे । बारिश के कारण आरी नदी का पानी पुल पर बहुत तेज़ बह रहा था उसी समय उनकी बाइक का नियंत्रण खो गया और इसके परिणामस्वरूप नितिन मौर्य,प्रेम मौर्य और बिशेन स्वरूप अपनी बाइक के साथ नदी की तेज धाराओं में बह गए ।
दुर्घटना के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने युवकों को बचाने का प्रयास किया लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि तीनों युवकों को पानी में बहा लिया गया।समाचार मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीमें उस जगह पर पहुंची और बड़े पैमाने पर खोज का काम शुरू किया।एसडीआरएफ, बाढ़ पीएससी और स्थानीय डाइवर भी बचाव कार्य में शामिल थे।मंगलवार को लगभग 18 से 20 घंटों तक लगातार प्रयासों के बाद प्रेम मौर्य और बिशेन स्वरूप के शव मिल गए।तीसरे युवक नितिन मौर्य का शव अभी भी खोजा जा रहा था।बुधवार को बचाव टीम ने फिर एक प्रयास किया और बहुत संघर्ष के बाद नितिन का शव भी नदी से निकाला गया।दुर्घटना की खबर मिलने के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य सहित कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उस जगह का दौरा किया।अधिकारियों ने बचाव कार्य के बारे में जानकारी एकत्र की और टीमों को निर्देश दिए।नदी में एक बाइक भी मिली जो कथित तौर पर नितिन के पिता की थी।
क्या है पूरा मामला? तीन दोस्त कैसे नदी में बहे?
यह हादसा सोमवार शाम आंवला-अतरछेड़ी मार्ग पर डरुआपुर गांव के पास हुआ। बारिश के कारण अरिल नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ा हुआ था। इसके बावजूद तीनों दोस्त बाइक से रपटा पुल पार करने लगे। पानी पुल के ऊपर से बह रहा था और तेज धार के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया।
- हादसा सोमवार शाम करीब 5:30 बजे हुआ।
- स्थान आंवला-अतरछेड़ी मार्ग का डरुआपुर गांव बताया गया।
- बाइक पर तीन दोस्त सवार थे।
- तीनों युवक नदी के तेज बहाव में बह गए।
- तीन दिन तक लगातार रेस्क्यू अभियान चला।
Rescue Operation में SDRF और Flood PAC ने संभाला मोर्चा
पुलिस और प्रशासन ने उस घटना की खबर मिलने के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया।नदी के तेज धाराओं की वजह से बचाव टीमों के लिए बचाव कार्य में कई मुश्किलें आईं।एसडीआरएफ, बाढ़ पीएससी और स्थानीय डाइवरों ने नदी में खोज कार्य किया।
मंगलवार को लगभग 18 से 20 घंटों तक बचावकर्ताओं ने प्रेम मौर्य और बिशेन स्वरूप के शवों को निकाला लेकिन उस समय तक तीसरे युवक नितिन मौर्य का शव अभी भी नहीं मिला था।इसके बाद बचावकर्ताओं ने बुधवार को भी खोज जारी रखी।
नदी में कई जगहों पर खोज के बाद नितिन मौर्य का शव भी मिल गया।तीन दिनों तक चले इस बचाव कार्य के बाद तीसरे शव के मिलने के साथ यह बचाव कार्य समाप्त हो गया।
तीनों युवकों की तलाश का क्या रहा Timeline?
रेस्क्यू ऑपरेशन तीन दिनों तक चला। पहले दिन हादसे के बाद तत्काल सर्च शुरू किया गया। दूसरे दिन दो युवकों के शव बरामद हुए, जबकि तीसरे युवक की तलाश जारी रही। तीसरे दिन नितिन मौर्य का शव भी बरामद कर लिया गया।
| दिन | रेस्क्यू की स्थिति |
|---|---|
| सोमवार | हादसे के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू |
| मंगलवार | प्रेम मौर्य और बिशन स्वरूप के शव बरामद |
| बुधवार | नितिन मौर्य का शव बरामद |
| अभियान का अंत | तीनों युवकों की तलाश पूरी |
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
क्योंकि यह घटना बहुत गंभीर है इसलिए जिला कलेक्टर अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य सहित कुछ अन्य अधिकारियों ने उस स्थान का दौरा किया।इन अधिकारियों ने बचाव टीमों से बातचीत की और संचालन की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की।
प्रशासन और पुलिस विभागों की कुछ टीमें लगातार नदी में खोज जारी रखी। मजबूत धारा के कारण बचाव टीम को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।स्थानीय डाइवर भी इस संचालन में भाग ले रहे थे।नीतिन मौर्य के पिता की मोटरसाइकिल नदी से बरामद हुई है।
तीसरे युवक की बरामदगी के बाद प्रशासन ने खोज संचालन को समाप्त करने का फैसला किया।इस बीच मृत युवकों के परिवारों में अफ़रातफ़री मची हुई है।
बारिश में Rapta Bridge पार करना बना जानलेवा
इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में रपटा पुल और तेज बहाव वाली नदियों को पार करने के खतरे को सामने ला दिया है। रपटा पुलों पर अक्सर बारिश के दौरान पानी ऊपर से बहने लगता है। ऐसे में पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
तीनों युवकों के नदी में बहने की घटना के बाद प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के दौरान ऐसे रास्तों को पार करने की कोशिश न करें।
- पानी पुल के ऊपर बह रहा हो तो रास्ता पार न करें।
- तेज बहाव वाली नदी के करीब जाने से बचें।
- बारिश के दौरान सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें।
- स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें।
Conclusion: तीन परिवारों में पसरा मातम, हादसे ने बढ़ाई Safety की चिंता
तीन दोस्त जो बारेली शहर के अनवाला क्षेत्र में एरी नदी में धाराओं में बह गए थे और उनके साथ उनकी मोटरसाइकिल भी थी अब तीन दिनों के बाद बरामद कर लिए गए हैं। जबकि बुधवार को बचाव दल ने नितिन मौर्य का शव बरामद किया वहीं प्रेम मौर्य और बिशेन स्वरूप के शव पहले से ही बरामद कर लिए गए थे।
इस दुर्घटना से सबसे बड़ा सबक यह है कि लापरवाह व्यवहार और भारी बारिश के बीच तेज़ बहाव वाली सड़कों को पार करना बहुत खतरनाक है। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसे समय में पुलों को पार करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। यह ध्यान रखना चाहिए कि भले ही पानी सतह पर हो लेकिन उसकी गति नीचे और उसके चारों ओर बहुत तेज़ हो सकती है।
प्रशासन ने भी ऐसे समय में सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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FAQs
Q1. बरेली में तीन युवक कहां नदी में बहे थे?
तीनों युवक आंवला-अतरछेड़ी मार्ग पर डरुआपुर गांव के पास अरिल नदी में बह गए थे।
Q2. हादसा कब हुआ था?
हादसा सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ था।
Q3. कितने युवकों के शव बरामद हुए?
तीनों युवकों—नितिन मौर्य, प्रेम मौर्य और बिशन स्वरूप—के शव बरामद कर लिए गए हैं।
Q4. रेस्क्यू ऑपरेशन कितने दिन चला?
तीनों युवकों की तलाश के लिए करीब तीन दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
Q5. बारिश के दौरान प्रशासन ने क्या अपील की है?
लोगों से तेज बहाव वाली नदियों और जलमग्न रपटों को पार नहीं करने की अपील की गई है।

