Sambhal Saundhan Fort – संभल के ऐतिहासिक सौधन किले को बचाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है जिस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी, उसे सुरक्षित करने के लिए प्रशासन ने अब जमीन पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सौधन किला ASI की संरक्षित साइट है। किले के अंदर लोगों के रहने की वजह से उसके संरक्षण को लेकर चुनौती बनी हुई थी। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सीधे लोगों को हटाने के बजाय पहले उनके पुनर्वास का रास्ता चुना है।
इसी क्रम में संभल के SDM विकास चंद्र ने बताया कि DM के निर्देश पर मौके का निरीक्षण किया गया। किले के अंदर रह रहे लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करने के बाद उन्हें वहां से विस्थापित किया जाएगा, ताकि ऐतिहासिक सौधन किला सुरक्षित रह सके। SDM विकास चंद्र के मुताबिक कुल 21 लोगों के पट्टा आवंटन की स्वीकृति दी जा चुकी है। प्रत्येक व्यक्ति को 100 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा दिया जाएगा। इसके लिए गांव के बिल्कुल समीप सरकारी भूमि चिन्हित की गई है, जो नवीन परती और बंजर श्रेणी की है।
खास बात यह है कि प्रशासन सिर्फ जमीन देकर अपनी जिम्मेदारी खत्म नहीं करेगा। SDM के अनुसार पुनर्वास स्थल पर जरूरी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। यानी योगी सरकार का मॉडल साफ दिखाई दे रहा है। ऐतिहासिक धरोहर भी बचे और वहां रहने वाले लोगों को भी उजाड़ने के बजाय सम्मानजनक तरीके से बसाया जाए। सौधन किले को सुरक्षित करने की यह पहल अगर तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो संभल की ऐतिहासिक पहचान को बचाने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित हो सकती है।
Rehabilitation Plan में क्या-क्या शामिल है?
एसडीएम विकास चंद्र के ताजा बयान के अनुसार पुनर्वास के लिए पात्र व्यक्तियों की पहचान और भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य किले के संरक्षित क्षेत्र को खाली कराना है, लेकिन इससे पहले प्रभावित लोगों के लिए गांव के पास रहने योग्य वैकल्पिक स्थान सुनिश्चित किया जाना प्रस्तावित है।
- कुल 21 लोगों के पट्टा आवंटन को स्वीकृति
- प्रत्येक लाभार्थी के लिए 100 वर्गमीटर भूमि
- गांव के पास सरकारी जमीन चिन्हित
- भूमि नवीन परती और बंजर श्रेणी की बताई गई
- पुनर्वास स्थल पर basic facilities देने का आश्वासन
Earlier Plan vs Latest Update: क्या बदला?
अलग-अलग समय की रिपोर्टों में लाभार्थियों की संख्या और प्रस्तावित भूमि के आकार में अंतर दिखाई देता है। यह eligibility survey या revised planning का परिणाम हो सकता है, लेकिन प्रशासन की विस्तृत allotment list सार्वजनिक होने तक इसे inference ही माना जाएगा। उपलब्ध updates का साफ comparison नीचे दिया गया है।
| बिंदु | अप्रैल–जून 2026 की जानकारी | ताजा प्रशासनिक अपडेट |
|---|---|---|
| प्रभावित निर्माण | लगभग 30–32 निर्माणों का दावा | शेष पात्र निवासियों पर प्रक्रिया |
| पुनर्वास के पात्र | पहले 15–16 आवासहीन परिवार बताए गए | अब 21 लोगों के पट्टे स्वीकृत बताए गए |
| भूमि का आकार | 200 वर्गगज देने की प्रारंभिक बात | प्रत्येक को 100 वर्गमीटर |
| पुनर्वास स्थान | गांव में ग्राम समाज की भूमि | गांव के पास सरकारी भूमि |
| भूमि श्रेणी | स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं | नवीन परती और बंजर बताई गई |
| वर्तमान स्थिति | पुनर्वास के निर्देश | Allotment और facilities की प्रक्रिया जारी |
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FAQs
1. सौंधन किला कहां स्थित है?
यह ऐतिहासिक स्थल संभल तहसील के गांव सौंधन मोहम्मदपुर में स्थित है।
2. क्या सौंधन किला ASI की protected site है?
ASI से संबंधित आधिकारिक सूची में यहां के Gateway और Mosque of Karwan Sarai संरक्षित स्मारकों के रूप में दर्ज हैं।
3. कितने लोगों को पुनर्वास के लिए पट्टा मिलेगा?
ताजा प्रशासनिक बयान के अनुसार 21 लोगों के पट्टा आवंटन को स्वीकृति दी गई है।
4. प्रत्येक लाभार्थी को कितनी जमीन दी जाएगी?
प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 100 वर्गमीटर भूमि देने की योजना बताई गई है।
5. क्या लोगों का पुनर्वास पूरा हो चुका है?
नहीं। अभी पट्टा वितरण, सुविधाओं की व्यवस्था और relocation की प्रक्रिया आगे बढ़नी बाकी है।

