चित्तरडीह में चोरी– चित्तरडीह में तीन घरों के ताले टूटे, लाखों की चोरी से हड़कंप; छह माह बाद फिर सक्रिय हुआ चोर गिरोह गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत चित्तरडीह गांव में चोरों ने एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाकर पुलिस गश्ती व्यवस्था की पोल खोल दी। चोरों ने तीनों घरों के ताले तोड़कर नगदी, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, साड़ी समेत करीब दो लाख रुपये मूल्य के सामान पर हाथ साफ कर दिया। एक साथ तीन घरों में चोरी की वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बीती रात चोरों ने ननकी देवी, कंचन देवी और सुलेखा देवी के घरों को निशाना बनाया। बताया जाता है कि परिवार के कुछ सदस्य रिश्तेदार के यहां गए हुए थे, जबकि दो परिवारों के सदस्य बगल के घर में सो रहे थे। इसी दौरान चोरों ने बेहद शातिर तरीके से करीब एक घंटे के भीतर तीनों घरों के ताले तोड़े और सामान समेटकर फरार हो गए।
चोरों ने घरों में रखे चांदी के जेवर, कुछ सोने के आभूषण, नगदी, पीतल व अन्य धातु के बर्तन, साड़ी तथा घरेलू सामान चोरी कर लिया। घटना का पता तब चला जब परिजन घर पहुंचे और टूटे हुए ताले तथा बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद गांव में चोरी की खबर तेजी से फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मेहनत की कमाई पर चोरों ने डाला हाथ पीड़ित परिवारों के अनुसार, मजदूरी और छोटी-मोटी कमाई से वर्षों की मेहनत के बाद उन्होंने जेवर, बर्तन और अन्य सामान जुटाए थे। इनमें से कई सामान बच्चों की शादी-विवाह और भविष्य की जरूरतों के लिए सुरक्षित रखे गए थे। चोरों द्वारा सामान ले जाने के बाद परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि चित्तरडीह और आसपास के इलाकों में पिछले करीब दो वर्षों से चोरी की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। हालांकि पिछले करीब छह महीनों से इलाके में चोरी की बड़ी वारदात सामने नहीं आई थी, लेकिन एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में फिर से भय का माहौल पैदा हो गया है। छह माह की शांति के बाद फिर लौटा चोरी का खौफ ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके में पहले भी कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन चोर गिरोह पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते चोरी की पुरानी घटनाओं का ठोस उद्भेदन किया जाता और अपराधियों पर शिकंजा कसा जाता तो शायद इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सकता था।
ग्रामीणों ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की है। लोगों का कहना है कि गांवों में रात के समय पुलिस की सक्रियता बढ़ने से संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लग सकती है। जुआरियों के जमावड़े की भी चर्चा, पुलिस की पुष्टि नहीं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि क्षेत्र में कथित रूप से जुआरियों का जमावड़ा बढ़ने के साथ चोरी की घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिलता है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।
इधर, घटना के बाद पीड़ित परिवारों ने पुलिस से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने, चोरों की जल्द गिरफ्तारी करने और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर जल्द रोक नहीं लगी तो गांव के लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ सकती है।एक ही रात में तीन घरों में चोरी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जमुआ पुलिस इस वारदात को चुनौती के रूप में लेते हुए चोरों तक कितनी जल्दी पहुंचती है और चोरी की इस घटना का उद्भेदन कब तक होता है।

एक ही रात में तीन घर बने Target, कैसे हुई वारदात?
चित्तरडीह में चोरों ने एक साथ तीन मकानों को target कर वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, करीब एक घंटे के भीतर ताले तोड़े गए और घरों से कीमती सामान समेटकर चोर फरार हो गए। वारदात का खुलासा परिजनों के घर पहुंचने के बाद हुआ।
- तीन अलग-अलग घरों में ताले तोड़े गए।
- करीब दो लाख रुपये के सामान की चोरी बताई गई।
- आभूषण, नगदी और घरेलू सामान ले गए।
- कुछ परिजन घर से बाहर गए हुए थे।
- घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत बढ़ी।
पुरानी चोरी बनाम मौजूदा वारदात: क्या है बड़ा Concern?
चित्तरडीह में मौजूदा घटना ने पुराने चोरी के मामलों को फिर चर्चा में ला दिया है। ग्रामीणों की शिकायत है कि यदि पुराने मामलों में प्रभावी कार्रवाई होती, तो अपराधियों का मनोबल कम हो सकता था।
| पहलू | पुरानी स्थिति | मौजूदा वारदात |
|---|---|---|
| चोरी की घटनाएं | पहले भी कई मामले | एक रात में तीन घर |
| क्षेत्र की स्थिति | करीब छह माह अपेक्षाकृत शांत | फिर बढ़ी चिंता |
| नुकसान | अलग-अलग मामलों में | करीब ₹2 लाख का सामान |
| ग्रामीणों की मांग | कार्रवाई और गश्त | तुरंत गिरफ्तारी व बरामदगी |
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FAQs:चित्तरडीह में चोरी
1. चित्तरडीह में कितने घरों में चोरी हुई?
एक ही रात में तीन घरों को चोरों ने निशाना बनाया।
2. चोरी में कितना नुकसान बताया जा रहा है?
ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों के अनुसार करीब दो लाख रुपये मूल्य का सामान चोरी हुआ है।
3. चोरों ने क्या-क्या सामान चुराया?
सोने-चांदी के आभूषण, नगदी, पीतल व अन्य धातु के बर्तन, साड़ी और घरेलू सामान चोरी होने की बात सामने आई है।
4. क्या पिछले समय में भी यहां चोरी हुई है?
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब दो वर्षों में इलाके में कई चोरी की घटनाएं हुई हैं।
5. क्या चोरी की घटनाओं को जुआरियों के जमावड़े से जोड़ा गया है?
ग्रामीणों के बीच ऐसी चर्चा है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

