Ganga Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, 13 मई तक सभी यात्री इस पर बिना किसी टोल टैक्स के यात्रा कर सकते हैं। यानी शुरुआती 15 दिनों तक आप मुफ्त में सफर कर पाएंगे। इसके बाद टोल टैक्स की दरें लागू होंगी, जो विभिन्न वाहनों के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।
15 दिनों तक नहीं लगेगा कोई शुल्क
योगी सरकार ने घोषणा की है कि एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के पहले 15 दिनों तक किसी भी वाहन से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। टोल वसूली की प्रक्रिया कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शुरू होगी। फिलहाल, यूपीडा (UPEIDA) ने प्रस्तावित टोल दरें तैयार कर ली हैं।
रफ्तार की सीमा तय
गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और एआई-आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो ओवरस्पीडिंग और दुर्घटनाओं पर नजर रखेंगे।
आधुनिक तकनीक से हुआ निर्माण
एक्सप्रेसवे को ‘ऑल वेदर’ बनाने के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया गया है। सड़क की मजबूती के लिए ‘कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो’ (CBR) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वैल्यू 8 रखी गई है। मुख्य कैरिजवे की कुल मोटाई लगभग 500 मिलीमीटर है, जिसमें 100 मिलीमीटर मोटी डामर की परत शामिल है। यह सड़क भीषण गर्मी और भारी बारिश में भी सुरक्षित बनी रहेगी। इसकी भार क्षमता 79 से 108 मिलियन स्टैंडर्ड एक्सल तक मापी गई है, जिससे यह भारी मालवाहक वाहनों का दबाव सहने में सक्षम है।
12 जिलों को मिलेगा विकास का कॉरिडोर
यह एक्सप्रेसवे मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक उत्तर प्रदेश के 12 जिलों हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ से होकर गुजरता है। इससे हस्तिनापुर (मेरठ), गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) और कल्कि धाम जैसे धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। जहां पहले मेरठ से प्रयागराज का सफर 12–13 घंटे में पूरा होता था, अब यह घटकर लगभग 6-7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
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