Devprayag Bharat Darshan 2026 – देवप्रयाग से भाजपा विधायक विनोद कंडारी 10 वीं बार अपनी विधानसभा के दसवीं बोर्ड टॉपर को भारत भ्रमण करवा रहें है,भारत भ्रमण कार्यक्रम के तहत देवप्रयाग विधानसभा के बोर्ड टॉपरों ने सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की इस दौरान देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी मौजूद रहे,मुख्य सचिव ने छात्रों से संवाद किया है,तो वहीं मुख्य सचिव से भी छात्रों ने कई सवाल किए,मुख्य सचिव ने इस दौरान कहा कि किताबी ज्ञान के साथ छात्रों को प्रैक्टिकली ज्ञान भी जरूरी है,और छात्र जब भारत भ्रमण करेंगे तो इससे भी उन्हें काफी ज्ञान अर्जित होगा वहीं देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी का कहना है कि हर साल वह अपने निजी खर्चे पर छात्रों को भारत भ्रमण करवाते हैं ताकि छात्रों को देश के प्रमुख शैक्षिक संस्थानो का भ्रमण करवा करवाकर अपने जीवन का लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिल सके, वहीं छात्रों का कहना है कि वह अपने विधायक का धन्यवाद अदा करते हैं कि उनके प्रयासों से उन्हें काफी ज्ञान अर्जित करने का मौका मिल रहा है।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पढ़ने वाले students के लिए classroom education के साथ practical exposure कितना जरूरी है, इसे लेकर एक बार फिर Devprayag Bharat Darshan 2026 चर्चा में है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी और बोर्ड टॉपर छात्र शैक्षिक भारत भ्रमण पर निकले हैं। इसी कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को देहरादून स्थित सचिवालय में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से मुलाकात की। देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी भी इस दौरान विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने छात्रों से उनकी पढ़ाई, career goals, technology और बदलते competitive environment को लेकर बातचीत की और अपने अनुभव भी साझा किए।
यह कार्यक्रम केवल अलग-अलग जगहों को देखने की यात्रा तक सीमित नहीं है। इसका focus छात्रों को किताबों में पढ़ी बातों को वास्तविक दुनिया से जोड़ने का अवसर देना है। जुलाई 2026 में घोषित कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष भारत दर्शन यात्रा 15 से 20 सितंबर तक निर्धारित की गई थी। इसमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों, संस्थानों और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं से छात्रों को परिचित कराने की योजना रखी गई। रिपोर्ट के अनुसार विधायक विनोद कंडारी पिछले नौ वर्षों से अपने निजी खर्च पर यह शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। ऐसे में 2026 में यह पहल अपने 10वें edition में पहुंचती है।
आज के समय में केवल अच्छे marks हासिल करना students के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता। Career opportunities, technology, communication skills और अलग-अलग क्षेत्रों को समझने के लिए real-world exposure भी अहम भूमिका निभाता है। मुख्य सचिव ने भी विद्यार्थियों से बातचीत में लगातार सीखते रहने, खुद को technology के साथ update रखने और अपने लक्ष्य पर focus बनाए रखने की बात कही। उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि competition अब केवल अपने school या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के साथ है।
ऐसे educational tours students को नई जगह, अलग culture, institutions और career possibilities को करीब से समझने का मौका देते हैं। विद्यार्थियों की ओर से भी इस अवसर के लिए विधायक के प्रयासों को लेकर धन्यवाद जताया गया और कहा गया कि इस यात्रा से उन्हें नई चीजें सीखने और अपने future goals को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिल रहा है।
Secretariat Meeting में क्या हुआ?
भारत भ्रमण के दौरान देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी और topper students ने उत्तराखंड सचिवालय में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से मुलाकात की। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से सीधे interaction किया और पढ़ाई के साथ बदलती technology, competition और personal development पर चर्चा की। उन्होंने मेहनत और लगातार learning को सफलता के लिए जरूरी बताया।
- छात्रों ने मुख्य सचिव से कई विषयों पर सवाल किए।
- career और future goals को लेकर interaction हुआ।
- technology को सही तरीके से use करने की सलाह दी गई।
- students को लगातार नई skills सीखने के लिए motivate किया गया।
- भारत भ्रमण से मिलने वाले practical exposure पर जोर दिया गया।
किताबी Knowledge के साथ Practical Learning क्यों जरूरी?
School education students को किसी subject की theoretical understanding देती है, लेकिन कई concepts तब ज्यादा clear होते हैं जब students उन्हें practically देखते और समझते हैं। Educational tours का यही बड़ा फायदा माना जाता है। किसी विधानसभा, educational institution, historical location या administrative system को सामने से देखने पर students को उस व्यवस्था के बारे में किताब की तुलना में अलग तरह का perspective मिलता है।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने भी छात्रों से interaction के दौरान learning को केवल textbooks तक सीमित न रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि technology तेजी से बदल रही है और students के लिए खुद को लगातार update रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को अपनी capabilities पहचानकर learning और self-improvement पर लगातार काम करना चाहिए। भारत भ्रमण के दौरान नई जगहों, culture और लोगों से मिलने का अनुभव भी students के लिए महत्वपूर्ण learning opportunity हो सकता है।
कार्यक्रम की घोषित रूपरेखा में भी students को इतिहास, संस्कृति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और development से सीधे जोड़ने की बात कही गई थी।
Bharat Darshan से Classroom Learning कितना अलग?
भारत दर्शन जैसे educational tours का उद्देश्य regular classroom education को replace करना नहीं, बल्कि उसमें practical exposure जोड़ना है। Classroom students को concepts और academic foundation देता है, जबकि educational tour उन्हें उन्हीं concepts को real environment में समझने का अवसर दे सकता है।
| Learning Area | Classroom Education | Bharat Darshan Tour |
|---|---|---|
| Knowledge | Books और syllabus based | Real-world observation |
| Institutions | Theory के जरिए जानकारी | Institutions को directly देखने का मौका |
| Culture | Chapters और examples | अलग culture और locations का experience |
| Career Awareness | Teachers और counselling | नए institutions और fields से exposure |
| Communication | Classroom interaction | Officials और अलग-अलग लोगों से interaction |
10th Edition तक कैसे पहुंचा Bharat Darshan Programme?
देवप्रयाग विधानसभा में मेधावी students के लिए भारत दर्शन कार्यक्रम कई वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक विधायक विनोद कंडारी पिछले नौ वर्षों से निजी खर्च पर इस कार्यक्रम को चला रहे थे। इस आधार पर 2026 की यात्रा इस initiative का 10वां साल या edition बनती है। इस वर्ष का tour 15 से 20 सितंबर के बीच रखा गया।https://hnn24x7.com/hnbgu-admission-2026-ug-registration-samarth-portal-cuet-ug/
इससे पहले भी कार्यक्रम के तहत देवप्रयाग क्षेत्र के topper students को अलग-अलग राज्यों और महत्वपूर्ण संस्थानों का भ्रमण कराया गया है। 2024 में भी उत्तराखंड बोर्ड के मेधावी छात्रों के लिए भारत भ्रमण की जानकारी सामने आई थी, जबकि 2025 में देवप्रयाग के 61 मेधावी छात्र-छात्राओं का दल गुजरात के educational tour पर गया था।
- programme का focus मेधावी students पर है।
- tour में educational और historical locations शामिल किए जाते हैं।
- students को administrative institutions समझने का मौका मिलता है।
- यात्रा का उद्देश्य career awareness और broader exposure बढ़ाना है।
Students के लिए Exposure बन सकता है Important Learning Tool
Devprayag Bharat Darshan 2026 classroom education और real-world exposure को जोड़ने वाला एक educational programme है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के topper students का सचिवालय पहुंचना और मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन के साथ सीधे बातचीत करना इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। यहां students को केवल administration से परिचित होने का मौका नहीं मिला, बल्कि career, technology, competition और personal development जैसे topics पर भी discussion हुआ।
पिछले नौ वर्षों से निजी खर्च पर चल रहे इस initiative का 2026 में 10वां edition होना इसकी continuity को दिखाता है। Educational tours तभी अधिक useful बनते हैं जब students यात्रा के बाद अपने experiences को studies, career planning और skill development से जोड़ें। इसलिए schools और students के लिए ऐसे exposure programmes को केवल sightseeing की तरह देखने के बजाय learning activity की तरह use करना ज्यादा meaningful हो सकता है।
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FAQs
1. Devprayag Bharat Darshan 2026 क्या है?
यह देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी और board topper students के लिए आयोजित educational tour programme है।
2. भारत दर्शन कार्यक्रम किसकी पहल पर आयोजित किया जा रहा है?
यह कार्यक्रम देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी की पहल पर आयोजित किया जाता है।
3. 2026 में Bharat Darshan programme कब आयोजित किया गया?
घोषित schedule के अनुसार यात्रा 15 से 20 सितंबर 2026 तक निर्धारित थी।
4. छात्रों ने सचिवालय में किससे मुलाकात की?
छात्रों ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन से मुलाकात की और विभिन्न विषयों पर उनसे बातचीत की।
5. Bharat Darshan programme का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य students को classroom knowledge के साथ historical, cultural, educational और administrative institutions का practical exposure देना है।

