Disaster relief funds increased in Uttar Pradesh; farmers will now receive 22,000 rupees per hectare for crop losses.

Uttar Pradesh- यूपी में आपदा राहत राशि बढ़ी, किसानों को फसल नुकसान पर अब मिलेंगे 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर

प्राकृतिक आपदा में मौत पर परिजनों को 8 लाख रुपये की सहायता, पशुधन के मुआवजे में भी बढ़ोतरी; 10 लाख से अधिक किसानों को मिल सकता है लाभ

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों और अन्य लोगों को राहत देने के लिए मुआवजे की राशि बढ़ा दी है। अब प्राकृतिक आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को चार लाख के बजाय आठ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा फसल और पशुधन के नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि में भी करीब 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे।

राहत आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों से एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 तक आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। राज्य आपदा राहत विभाग के अनुसार, इस अवधि में प्रदेश के 10,02,684 किसानों की करीब 52 लाख 14 हजार हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। वहीं, 3,537 पशुओं की मौत होने की जानकारी भी सामने आई है।

सिंचित फसल के नुकसान पर अब 22 हजार रुपये

राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के तहत मिलने वाली सहायता के मानकों में बदलाव किया गया है। नई दरों के अनुसार, सिंचित फसल के नुकसान पर किसानों को अब 17 हजार रुपये के बजाय 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे।

इसी तरह बारिश से फसल को हुए नुकसान पर मिलने वाली सहायता राशि 8,500 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है। इससे प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद होने पर प्रभावित किसानों को पहले के मुकाबले अधिक आर्थिक मदद मिल सकेगी।

बड़े पशुओं की मौत पर 50 हजार रुपये का मुआवजा

प्राकृतिक आपदा में पशुधन की मौत होने पर भी मुआवजे की राशि बढ़ाई गई है। गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मृत्यु पर अब 40 हजार के बजाय 50 हजार रुपये की सहायता मिलेगी।

वहीं, बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं की मौत पर मिलने वाली राशि चार हजार से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है। गधे और खच्चर जैसे भार ढोने वाले पशुओं के नुकसान पर सहायता 20 हजार से बढ़ाकर 25,400 रुपये की गई है।

मुर्गीपालकों को भी राहत देते हुए प्रति मुर्गी मिलने वाली सहायता राशि 100 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये कर दी गई है। यह प्रावधान अधिकतम 100 मुर्गियों तक लागू होगा।

बैंक खातों में डीबीटी से पहुंचेगी सहायता

सरकार ने राहत राशि के वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से करने का प्रावधान किया है। इसके साथ ही लाभार्थियों की सूची और पात्रता का आधार सार्वजनिक करना भी अनिवार्य होगा, ताकि सहायता वितरण में पारदर्शिता बनी रहे।

जिलों से मांगी गई नुकसान की रिपोर्ट

राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 तक प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का ब्योरा जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके आधार पर प्रभावित किसानों और अन्य पात्र लाभार्थियों को बढ़ी हुई दरों से सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश के मुताबिक, आपदा राहत कोष से दी जाने वाली सहायता राशि की नई दरों के संबंध में आयुक्त कार्यालय से जानकारी मांगी गई है। एक अप्रैल से चार नवंबर तक हुए नुकसान की रिपोर्ट जल्द भेज दी जाएगी।

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