Ghooskhor Pandit: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म अपने नाम (टाइटल) को लेकर बड़े विवाद में फंस गई थी। लेकिन अब मामला सुलझता हुआ दिख रहा है। फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विवादित टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ बदलने की बात मंजूर कर ली है।
क्या था पूरा विवाद?
दरअसल, नेटफ्लिक्स (Netflix) ने हाल ही में अपनी नई फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीज़र जारी किया था। फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अफसर की भूमिका में हैं, जिन्हें फिल्म में ‘पंडत’ कहा गया है। इसे देखकर कुछ ब्राह्मण संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह नाम पूरे समुदाय को ‘रिश्वतखोर’ के रूप में बदनाम करता है।
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की बेंच ने फिल्ममेकर को कड़ी फटकार लगाई। 12 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं कि किसी समुदाय को बदनाम किया जाए। कोर्ट ने नीरज पांडे से हलफनामा मांगा कि फिल्म किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में आज क्या हुआ?
आज गुरुवार को फिल्ममेकर नीरज पांडे ने कोर्ट में हलफनामा देकर अपनी गलती सुधारी और टाइटल वापस ले लिया। अब फिल्ममेकर नया टाइटल तय करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि पुराना नाम किसी भी रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। फिल्म में किसी भी बदलाव के लिए CBFC और OTT प्लेटफॉर्म के नियमों का पालन करना होगा। मेकर्स ने बताया कि ‘घूसखोर पंडत’ नाम अब हटा दिया गया है।
कोर्ट ने दी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर के इस कदम को सकारात्मक बताया और मामले को बंद कर दिया। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि अब यह विवाद शांत हो जाएगा। साथ ही, कोर्ट ने यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से भी इस मुद्दे को और न खींचने का आग्रह किया है।
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