गोवा में वोटों की गिनता जारी है। इस साल विधानसभा चुनावों का सामना कर रहे पांच राज्यों में गोवा वह राज्य है जहां परिणाम को लेकर कोई सटीक अनुमान नहीं लगा पा रहा है। एग्जिट पोल भी साफ अनुमान नहीं लगा पाए कि इस बार किसकी सरकार बनेगी? भाजपा सत्ता में बनी रहेगी या कांग्रेस को मौका मिलेगा?
बहुमत वाली सरकार बनेगी या पिछली बार की तरह उठा-पटक करना पड़ेगी। तस्वीर थोड़ी देर में साफ हो जाएगी। सभी 40 विधानसभा सीटों के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हो गई है। 14 फरवरी को सिंगल फेज में हुए मतदान में 332 प्रत्याशियो की किस्मत ईवीएम में कैद हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने मतगणना शुरू होने से पहले ही एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यपाल से समय मांगा है। अभी यह साफ नहीं है कि सरकार बनाने का दावा करने के लिए वक्त मांगा है या किसी और मकसद के लिए।
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गोवा में भाजपा सत्ताधारी पार्टी है जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है। तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना के आने से इस बार मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। भाजपा और आम आदमी पार्टी जहां अकेले चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने विजय सरदेसाई की गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन किया है। तृणमूल कांग्रेस ने महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के साथ गठबंधन किया है, जबकि शिवसेना ने एनसीपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा।
इस बार गोवा में सबसे अधिक 78.94 प्रतिशत मतदान हुआ। गोवा विधानसभा की 40 विधानसभा सीटों से कुल 332 उम्मीदवार मैदान में थे। चुनाव मैदान में कुछ प्रमुख उम्मीदवारों में मौजूदा सीएम और भाजपा नेता प्रमोद सावंत, मंत्री चंद्रकांत कावलेकर, मनोहर अजगांवकर, पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता लुइज़िन्हो फलेरियो, नीलेश जोआओ कबराल, विश्वजीत राणे की पत्नी दिव्या राणे, पूर्व भाजपा नेता उत्पल पर्रिकर, आप के अमित पालेकर, दलीला लोबो और जीएफपी के विजय सरदेसाई सहित अन्य शामिल रहे।
गोवा के एग्जिट पोल में किसी दल को स्पष्ट बहुमत का अनुमान नहीं लगाया गया। कई दलों के मैदान में उतरने से यह स्थिति बनी है। टीएमसी और आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर सभी की नजरे हैं।

