Iran Protest, 2 जनवरी 2026 : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से विरोध के स्वर तेज थे। नए साल के पहले दिन ये विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर गए। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। इसमें प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बल दोनों शामिल हैं।
नए साल के पहले दिन हिंसा और मौतें
नए साल की शुरुआत के साथ ही विरोध प्रदर्शन ईरान के ग्रामीण इलाकों में भी फैल गए। शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। ईरान की सड़कों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जो पिछले तीन वर्षों में महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन हैं।
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ईरान के लोरदेगान, कुहदाश्त और इस्फहान प्रांतों में प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौतों की खबरें आई हैं। मुद्रा के गिरते मूल्य और तेजी से बढ़ती कीमतों के खिलाफ दुकानदारों द्वारा शुरू किए गए इन प्रदर्शनों ने अशांति को पूरे देश में फैलाया।
प्रमुख रिपोर्टें और जानकारी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से जुड़े फार्स समाचार एजेंसी और मानवाधिकार समूह हेंगाव ने लोरदेगान में हुई मौतों की सूचना दी। अधिकारियों ने कुहदाश्त और इस्फहान प्रांत में कम से कम एक मौत की पुष्टि की।
प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें नए क्षेत्रों तक फैल रही हैं। यह दर्शाता है कि विरोध प्रदर्शन अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ग्रामीण इलाकों और विश्वविद्यालयों में भी तेज़ी से फैल रहे हैं।

बड़े पैमाने पर विरोध और सड़कें ब्लॉक
देश के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। कई स्थानों पर सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया। राजधानी तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
प्रदर्शन की शुरुआत तेहरान के ग्रैंड बाजार के दुकानदारों से हुई थी। धीरे-धीरे यह देशव्यापी आंदोलन में बदल गया। अब छात्र और युवा विश्वविद्यालयों में भी शामिल हो गए हैं और सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं।
प्रदर्शन के कारण और संदर्भ
ईरान में महंगाई, बढ़ती कीमतें और मुद्रा के मूल्य में गिरावट के कारण लोगों में नाराज़गी है। सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। हाल के वर्षों में यह सबसे बड़े आर्थिक विरोध में से एक माना जा रहा है।
प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बलों के बीच लगातार झड़पों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। देश में लगातार बढ़ते प्रदर्शन यह दर्शाते हैं कि जनता अब आर्थिक और राजनीतिक सुधार की मांग कर रही है।
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नए साल के पहले दिन ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों ने देश में सुरक्षा और शांति की स्थिति को चुनौती दी है। यह आंदोलन महंगाई, आर्थिक संकट और सरकार की नीतियों के खिलाफ सबसे बड़े विरोध में से एक बन गया है। सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें अब भी जारी हैं, जिससे पूरे देश में तनाव बढ़ता जा रहा है।

