September 2026 Weather Forecast India: सितंबर 2026 में भारत के मानसून की तस्वीर थोड़ी असामान्य रहने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार सितंबर में देशभर में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। IMD का अनुमान है कि सितंबर की rainfall Long Period Average (LPA) के 91% से कम रह सकती है। साथ ही सितंबर में औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई गई है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सितंबर में पूरे भारत में बारिश खत्म हो जाएगी।
कुछ हिस्सों में सामान्य से सामान्य से अधिक बारिश के दौर जारी रह सकते हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि कमजोर रह सकती है। IMD ने यह भी बताया है कि अगले एक सप्ताह में Peninsular India में rainfall activity subdued रहने की संभावना है।
तो आखिर सितंबर 2026 में बारिश कैसी रहेगी और किन राज्यों में ज्यादा या कम बारिश हो सकती है?
सितंबर 2026 में देशभर में कितनी बारिश होगी?
IMD के ताजा अनुमान के अनुसार सितंबर 2026 में भारत की कुल rainfall 91% LPA से कम रहने की संभावना है। यानी मौसम विभाग overall सितंबर को below-normal rainfall month के रूप में देख रहा है।
यह अनुमान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर Southwest Monsoon का आखिरी महीना होता है।
सामान्य तौर पर सितंबर में मानसून धीरे-धीरे कमजोर होने और देश के कुछ हिस्सों से वापस लौटने की प्रक्रिया शुरू करता है। लेकिन इस साल rainfall deficit पहले से ही बड़ा है।
अगस्त 2026 में भारत में rainfall सामान्य से करीब 16% कम रही। इससे पूरे monsoon season का deficit भी बढ़ गया है।
क्या सितंबर में हर जगह बारिश कम होगी?
नहीं।
यही इस forecast का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
देश का overall rainfall below normal रहने का मतलब यह नहीं कि हर राज्य या हर जिले में बारिश कम होगी।
IMD के अनुसार सितंबर में कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश की संभावना है, लेकिन Northwest India, Northeast India, East और East-Central India तथा Southeast Peninsular India के कुछ isolated क्षेत्रों में normal से above-normal rainfall के spells हो सकते हैं।
इसलिए सितंबर का मौसम एक समान नहीं रहेगा।
एक तरफ कुछ राज्यों में बारिश की कमी चिंता बढ़ा सकती है, तो दूसरी तरफ किसी particular weather system के दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।
किन इलाकों में ज्यादा बारिश हो सकती है?
IMD के क्षेत्रीय forecast के मुताबिक सितंबर में कुछ हिस्सों में normal से above-normal rainfall के chances बने रह सकते हैं।
खास तौर पर:
- Northwest India के कुछ हिस्से
- Northeast India के कुछ क्षेत्र
- East India के कुछ हिस्से
- East-Central India
- Southeast Peninsular India के isolated areas
इन क्षेत्रों में rainfall activity देश के overall trend से बेहतर रह सकती है।
इसका अर्थ यह नहीं है कि इन पूरे क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश होगी। Weather systems के कारण rainfall short spells में भी concentrated हो सकती है।
किन इलाकों में बारिश कम रह सकती है?
देश के बड़े हिस्से में सितंबर की cumulative rainfall below normal रहने की संभावना है।
IMD की broader monsoon outlook में भी most parts of India के लिए below-normal seasonal rainfall का signal दिया गया था, हालांकि Northwest और Northeast India तथा East और East-Central India के कुछ हिस्सों में normal-to-above-normal rainfall की संभावना बताई गई थी।
Peninsular India के लिए खास तौर पर अगले एक सप्ताह में rainfall activity subdued रहने की संभावना IMD ने जताई है।
इसका असर दक्षिण भारत के उन हिस्सों पर पड़ सकता है जहां सितंबर की बारिश कृषि और water resources के लिए महत्वपूर्ण होती है।
सितंबर में बारिश कम होने की वजह क्या है?
इस forecast के पीछे कई atmospheric factors हैं, लेकिन El Niño इस साल के कमजोर monsoon की चर्चा में प्रमुख factor बना हुआ है।
El Niño के दौरान equatorial Pacific Ocean के central और eastern हिस्सों में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक होता है। इससे global atmospheric circulation प्रभावित होती है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार IMD ने कहा है कि El Niño conditions मजबूत हुई हैं और अगस्त में कम rainfall के पीछे भी इसका योगदान रहा।
भारत में कई पिछले El Niño वर्षों में below-average monsoon rainfall देखी गई है।
लेकिन मौसम वैज्ञानिक किसी एक factor के आधार पर हर राज्य के मौसम का अनुमान नहीं लगाते। Ocean conditions, atmospheric circulation, monsoon systems और regional weather patterns सभी भूमिका निभाते हैं।
अगस्त की कम बारिश का सितंबर पर क्या असर पड़ेगा?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक है।
अगस्त 2026 में भारत में rainfall करीब 16% below normal रही।
इसके कारण सितंबर की बारिश अब केवल मौसम का सवाल नहीं रह गई है।
इसका सीधा असर agriculture पर पड़ सकता है।
September rainfall cotton, soybean, maize और pulses जैसी खरीफ फसलों के development के लिए महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा सितंबर की बारिश soil moisture को बनाए रखने में मदद करती है, जो बाद में wheat और rapeseed जैसी winter crops की sowing के लिए जरूरी होती है।
क्या सितंबर में तापमान भी ज्यादा रहेगा?
हां, IMD ने सितंबर में सामान्य से अधिक तापमान की संभावना भी जताई है।
Rainfall deficit के कारण average maximum और minimum temperatures दोनों सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।
इसका मतलब है कि सितंबर में कुछ क्षेत्रों में बारिश के बीच भी उमस और गर्मी महसूस हो सकती है।
यानी इस साल September weather को केवल “कम बारिश” के रूप में देखना सही नहीं होगा।
कम cumulative rainfall + ज्यादा temperature का combination agriculture और water resources के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।
उत्तराखंड में सितंबर 2026 में बारिश कैसी रहेगी?
उत्तराखंड के लिए तस्वीर देश के overall September forecast से थोड़ी अलग है।
IMD के 1 सितंबर के Uttarakhand forecast के अनुसार 1 से 5 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर heavy rain की संभावना है। 1 सितंबर को isolated places पर heavy to very heavy rain और intense से extremely intense rain spells की संभावना बताई गई है। 2 से 5 सितंबर तक भी isolated heavy rainfall और thunderstorms के forecasts जारी हैं।
इसका मतलब है कि:
पूरे सितंबर की cumulative rainfall कम हो सकती है, लेकिन किसी particular दिन या सप्ताह में उत्तराखंड में बहुत तेज बारिश संभव है।
यही पहाड़ी मौसम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।
क्या उत्तराखंड में कम बारिश का मतलब कम आपदा का खतरा है?
जरूरी नहीं।
कुल मिलाकर rainfall कम होने के बावजूद अगर किसी सीमित क्षेत्र में कम समय में बहुत ज्यादा बारिश हो जाए तो flash flood, landslide और debris flow जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
खासकर:
- steep mountain slopes
- कमजोर geological zones
- नदी और नालों के किनारे
- glacial lakes के आसपास
- पहले से damaged roads
- saturated slopes
ऐसे क्षेत्रों में short-duration intense rainfall का असर ज्यादा हो सकता है।
यानी monthly rainfall average और extreme rainfall event दो अलग चीजें हैं।
इसी वजह से उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में केवल “सितंबर में बारिश कम होगी” देखकर जोखिम को कम मानना सही नहीं होगा।
उत्तराखंड में glacier-related flood risks को समझने के लिए HNN24x7 का यह explainer भी उपयोगी है: उत्तराखंड में Glacier Flood Risk और GLOF को समझें
क्या सितंबर में Cloudburst और Flash Flood का खतरा रहेगा?
हां, स्थानीय स्तर पर खतरा बना रह सकता है।
Monthly rainfall below normal होने के बावजूद cloudburst जैसी घटनाएं अचानक और बहुत सीमित क्षेत्र में हो सकती हैं।
इसलिए September rainfall forecast को disaster forecast नहीं माना जा सकता।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी mountain valley में कुछ घंटों के दौरान बहुत ज्यादा rainfall हो जाती है, तो नदी-नाले अचानक उफान पर आ सकते हैं।
इसलिए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अन्य Himalayan areas में स्थानीय IMD warnings ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
क्या सितंबर 2026 में मानसून जल्दी खत्म हो जाएगा?
यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि पूरे भारत में मानसून सामान्य से बहुत पहले खत्म हो जाएगा।
सितंबर Southwest Monsoon का आखिरी महीना है और इस दौरान monsoon withdrawal धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ता है।
Overall rainfall below normal होने का अर्थ यह नहीं कि हर जगह मानसून एक ही तारीख को खत्म होगा।
स्थानीय atmospheric conditions और weather systems withdrawal की timing को प्रभावित करेंगे।
किसानों के लिए सितंबर की बारिश क्यों महत्वपूर्ण है?
सितंबर खरीफ crops के लिए critical period हो सकता है।
कम बारिश का मतलब है:
- soil moisture में कमी
- crop development पर दबाव
- irrigation demand बढ़ना
- reservoir inflows पर असर
- winter crop sowing के लिए moisture कम होना
Reuters के अनुसार September rainfall की कमी cotton, soybean, corn और pulses जैसी crops के yield पर असर डाल सकती है और wheat तथा rapeseed जैसी winter crops की sowing के लिए soil moisture को भी प्रभावित कर सकती है।
क्या कम बारिश से पानी की समस्या बढ़ सकती है?
यह एक महत्वपूर्ण medium-term concern है।
Monsoon भारत की annual rainfall का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता है और reservoirs, rivers तथा groundwater recharge में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अगर September में rainfall deficit जारी रहता है, तो कुछ क्षेत्रों में:
- reservoir levels
- groundwater recharge
- drinking-water availability
- irrigation
- hydropower generation
पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि इसका प्रभाव हर राज्य में समान नहीं होगा क्योंकि water storage, irrigation infrastructure और previous rainfall अलग-अलग हैं।
September 2026 Weather Forecast: सबसे जरूरी बातें
सितंबर के मौसम को आसान भाषा में समझें तो तस्वीर यह है:
| सवाल | IMD Forecast |
|---|---|
| पूरे भारत में सितंबर की बारिश | Below Normal |
| अनुमानित rainfall | 91% LPA से कम |
| तापमान | सामान्य से ऊपर रहने की संभावना |
| Peninsular India | अगले एक सप्ताह rainfall activity subdued |
| कुछ Northwest areas | Normal से Above Normal बारिश संभव |
| कुछ Northeast areas | Normal से Above Normal बारिश संभव |
| East/East-Central areas | कुछ हिस्सों में बेहतर rainfall |
| उत्तराखंड | सितंबर की शुरुआत में heavy rain spells संभव |
| Agriculture | Rain deficit से जोखिम |
| El Niño | कमजोर मानसून का महत्वपूर्ण factor |
क्या September 2026 में बारिश कम होने के बावजूद भारी बारिश हो सकती है?
हां।
यह शायद इस पूरे forecast की सबसे महत्वपूर्ण बात है।
“Below normal rainfall” एक monthly/seasonal average को बताता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश हर दिन हल्की होगी।
उदाहरण के लिए किसी राज्य में 20 दिन बहुत कम बारिश हो और बाकी 2-3 दिनों में अत्यधिक बारिश हो जाए, तो पूरे महीने का average फिर भी below normal हो सकता है।
इसलिए:
कम कुल बारिश ≠ भारी बारिश का खतरा खत्म
और
ज्यादा कुल बारिश ≠ हर दिन भारी बारिश
दोनों अलग-अलग concepts हैं।
सितंबर 2026 में मौसम को लेकर किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
Farmers
बारिश की कमी और soil moisture पर नजर रखना जरूरी है।
Mountain Travellers
उत्तराखंड और हिमालयी क्षेत्रों में local weather warnings को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Drivers
Heavy rain spells के दौरान landslide-prone roads और mountain routes पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
Urban Residents
अचानक intense rain से low-lying areas में waterlogging हो सकती है।
Pilgrims
उत्तराखंड जैसे mountain states में यात्रा से पहले latest district-level weather warning देखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
https://www.reuters.com/business/environment/india-expects-below-average-september-rains-after-weak-august-2026-08-31/
FAQ
सितंबर 2026 में बारिश कैसी रहेगी?
IMD के अनुसार सितंबर 2026 में भारत की कुल rainfall सामान्य से कम रहने की संभावना है। अनुमान 91% LPA से नीचे है।
सितंबर में किन राज्यों में ज्यादा बारिश होगी?
पूरे राज्यों की एक समान स्थिति बताना सही नहीं होगा। IMD के अनुसार Northwest, Northeast, East और East-Central India तथा Southeast Peninsular India के कुछ हिस्सों में normal से above-normal rainfall के spells संभव हैं।
सितंबर में बारिश कम क्यों होगी?
El Niño conditions इस साल कमजोर monsoon के महत्वपूर्ण कारणों में शामिल हैं। IMD के अनुसार El Niño conditions मजबूत हुई हैं और अगस्त की कम बारिश में इसका योगदान रहा।
क्या सितंबर में उत्तराखंड में भारी बारिश होगी?
सितंबर की शुरुआत में भारी बारिश की संभावना है। IMD ने 1 से 5 सितंबर तक उत्तराखंड के isolated areas में heavy rainfall और thunderstorms के forecasts जारी किए हैं।
क्या कम बारिश का मतलब बाढ़ का खतरा नहीं है?
नहीं। Monthly rainfall below normal होने के बावजूद short-duration extreme rainfall किसी खास इलाके में flash flood या landslide का कारण बन सकती है।
क्या सितंबर 2026 में तापमान ज्यादा रहेगा?
IMD के अनुसार September में average maximum और minimum temperatures सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।
क्या सितंबर की कम बारिश से किसानों को नुकसान हो सकता है?
हां। September rainfall खरीफ crops के development और winter crops की sowing से पहले soil moisture के लिए महत्वपूर्ण है। कम बारिश से crop yield और sowing conditions प्रभावित हो सकती हैं।
क्या सितंबर में मानसून खत्म हो जाएगा?
सितंबर Southwest Monsoon का अंतिम महीना है, लेकिन overall below-normal rainfall का मतलब यह नहीं कि मानसून पूरे भारत से एक साथ जल्दी खत्म हो जाएगा। Withdrawal अलग-अलग क्षेत्रों में अलग समय पर होता है।
निष्कर्ष
September 2026 Weather Forecast India: सितंबर में भारत के लिए मानसून की overall तस्वीर कमजोर रहने की संभावना है। IMD के अनुसार देश में September rainfall 91% LPA से कम रह सकती है और तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है।
लेकिन पूरे देश में एक जैसा मौसम नहीं रहेगा।
Northwest, Northeast, East और East-Central India के कुछ हिस्सों तथा Southeast Peninsular India के isolated areas में normal से above-normal rainfall के spells संभव हैं। दूसरी ओर Peninsular India में अगले एक सप्ताह rainfall activity subdued रहने का IMD forecast है।
उत्तराखंड के लिए September की शुरुआत खास तौर पर महत्वपूर्ण है। IMD ने 1 से 5 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर heavy rain और thunderstorms की संभावना जताई है।
इसलिए सितंबर 2026 का मौसम एक विरोधाभास लेकर आ रहा है:
देश के स्तर पर बारिश कम, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के episodes संभव।
यही वजह है कि किसानों के लिए rainfall deficit चिंता का विषय है, जबकि पहाड़ी और vulnerable areas में short-duration heavy rainfall से जुड़ा risk बना रह सकता है।

