Uttarkashi- गोमुख-तपोवन में फंसे 121 ट्रेकर सुरक्षित निकाले गए, 136 पर्वतारोहियों के लिए 3 हेलीकॉप्टर रवाना

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बिगड़े मौसम के बीच राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के कारण जहां कई ट्रेकिंग रूट पर आवाजाही प्रभावित हुई, वहीं गोमुख-तपोवन ट्रेक पर फंसे 121 ट्रेकरों को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। दूसरी ओर, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 136 पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए भी रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है। इनके लिए हर्षिल से तीन हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरकर बचाव अभियान शुरू किया है।

मौसम में सुधार के साथ प्रशासन ने यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत दी है। लगातार दो दिनों तक प्रतिकूल मौसम के कारण रोकी गई चारधाम यात्रा सोमवार, 28 सितंबर को मौसम साफ होने के बाद दोबारा शुरू कर दी गई। यमुनोत्री हाईवे समेत यात्रा मार्गों पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है और श्रद्धालुओं की आवाजाही से यात्रा मार्ग एक बार फिर गुलजार होने लगे हैं।

गोमुख-तपोवन ट्रेक पर अचानक बिगड़ा मौसम

गंगोत्री नेशनल पार्क के गोमुख और तपोवन क्षेत्र में पिछले दिनों बड़ी संख्या में ट्रेकर और पर्वतारोहण दल पहुंचे थे। बताया गया कि शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम खराब होने के साथ ही क्षेत्र में भारी बर्फबारी शुरू हो गई। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ तेजी से जमा होने लगी, जिसके चलते ट्रेक पर आवाजाही मुश्किल हो गई।

लगातार बर्फबारी के कारण ट्रेक के कई हिस्सों में हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ गया था। ऐसे हालात में ट्रेकरों की सुरक्षित वापसी प्रशासन और वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और ट्रेकरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

121 ट्रेकरों को सुरक्षित गंगोत्री पहुंचाया गया

 

गंगोत्री नेशनल पार्क के कनखू बैरियर प्रभारी वन दारोगा राजवीर रावत के अनुसार, गोमुख और तपोवन क्षेत्र में गए ट्रेकर भारी बर्फबारी के कारण प्रभावित हुए थे। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद रविवार को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू टीम ने बर्फबारी और कठिन परिस्थितियों के बीच ट्रेक पर आगे बढ़कर सभी ट्रेकरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की। अभियान के दौरान टीम ने मौसम, बर्फ की स्थिति और हिमस्खलन के संभावित खतरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती।

राजवीर रावत ने बताया कि लगातार बर्फबारी के साथ ट्रेक के कई हिस्सों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ था। इसके बावजूद वन विभाग की टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाते हुए गोमुख और तपोवन क्षेत्र में फंसे सभी 121 ट्रेकरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शाम तक सभी ट्रेकरों को गंगोत्री पहुंचा दिया गया, जिसके बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन के सफल होने के बाद प्रशासन और वन विभाग ने राहत की सांस ली है।

136 पर्वतारोहियों के लिए भी शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान

गोमुख-तपोवन में फंसे 121 ट्रेकरों को सुरक्षित निकालने के बाद अब प्रशासन का फोकस उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 136 पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने पर है।

जानकारी के अनुसार इन 136 लोगों में अलग-अलग अभियानों से जुड़े सदस्य शामिल हैं। इनमें हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के 89 सदस्य, कालिंदी पास बेस कैंप में हाई अल्टीट्यूड ट्रेकिंग के 18 सदस्य और ऑडन कोल पास बेस कैंप में 29 सदस्य शामिल हैं।

इन सभी को सुरक्षित निकालने के लिए हर्षिल से तीन हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भर दी है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को देखते हुए यह अभियान बेहद सावधानी के साथ संचालित किया जा रहा है।

रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता सभी पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है। मौसम और हवाई परिस्थितियों के आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

दो दिन बाद फिर पटरी पर लौटी चारधाम यात्रा

उत्तरकाशी में मौसम साफ होने के बाद चारधाम यात्रा को भी दोबारा शुरू कर दिया गया है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी।

चारधाम यात्रा नियंत्रण संगठन, ऋषिकेश से प्राप्त निर्देशों के क्रम में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए यात्रा रोकी गई थी। सोमवार, 28 सितंबर को मौसम अनुकूल और साफ होने के बाद जिलाधिकारी प्रशांत आर्या के निर्देश पर यात्रा पर लगी रोक समाप्त कर दी गई।

इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा फिर से शुरू हो गई। यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही यात्रा मार्गों पर एक बार फिर चहल-पहल दिखाई देने लगी।

यमुनोत्री हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य

मौसम साफ होने के बाद यमुनोत्री हाईवे सहित विभिन्न यात्रा मार्गों पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। पिछले दो दिनों से यात्रा प्रभावित होने के कारण जहां श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वहीं यात्रा से जुड़े होटल, परिवहन और अन्य कारोबारियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई थीं।

अब यात्रा दोबारा शुरू होने से स्थानीय कारोबारियों में भी राहत है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की स्थिति को देखते हुए निगरानी लगातार जारी रखी जाएगी।

प्रशासन ने अधिकारियों को दिए अलर्ट रहने के निर्देश

चारधाम यात्रा दोबारा शुरू होने के साथ ही जिला प्रशासन ने पुलिस और तहसील प्रशासन को यात्रा व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। संबंधित विभागों और यात्रा नोडल अधिकारियों को यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों की किसी भी समस्या का तत्काल समाधान किया जाए और यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। इसके अलावा पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है।

विशेष रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।

बर्फबारी के बीच राहत की खबर, लेकिन सतर्कता जरूरी

उत्तरकाशी में एक तरफ भारी बर्फबारी के कारण गोमुख-तपोवन क्षेत्र में फंसे 121 ट्रेकरों का सफल रेस्क्यू राहत की बड़ी खबर है, तो दूसरी ओर 136 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाया जा रहा हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन प्रशासन के सामने एक और चुनौती है।

मौसम साफ होने के बाद चारधाम यात्रा भी दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्रों की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों और ट्रेकर्स के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी लगातार मौसम और मार्गों की निगरानी की जा रही है।

फिलहाल 121 ट्रेकरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, 136 पर्वतारोहियों के लिए तीन हेलीकॉप्टरों से रेस्क्यू अभियान जारी है और दो दिन बाद चारधाम यात्रा फिर से शुरू हो गई है। उत्तरकाशी में राहत और बचाव कार्यों के साथ प्रशासन की नजर अब मौसम के अगले बदलाव और उच्च हिमालयी मार्गों की स्थिति पर बनी हुई है।

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