नगरी में प्रवेश लेने की चुकानी होगी ज्यादा कीमत
उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल की सैर करने का मन किसका नहीं करता, लेकिन सावधान, प्राप्त जानकारी के अनुसार अब सरोवर नगरी नैनीताल में वाहनों की एंट्री को लेकर प्रवेश शुल्क बढ़ाया जा सकता है। दरअसल बीते गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में लेक ब्रिज चुंगी व कार पार्किंग की टेंडर प्रक्रिया के विरुद्ध दायर याचिकाओं पर नगर पालिका की ओर से हाई कोर्ट में यह जानकारी दी गई। जब नैनीताल हाई कोर्ट द्वारा लेक ब्रिज चुंगी व कार पार्किंग के टेंडर प्रक्रिया को चुनौती देती दीवान फर्त्याल, सुमित जेठी व ठाकुर इंटरप्राइजेज की याचिकाओं पर सुनवाई हुई तो इस दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दीपक गोस्वामी भी कोर्ट में मौजूद रहे जिन्होंने स्वयं नगर पालिका की ओर से कोर्ट को विस्तृत जबाव पेश किया। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि सरोवर नगरी नैनीताल में लेक ब्रिज चुंगी व कार पार्किंग के टेंडर पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं और अब इनके टेंडर के ठेके आगे से नहीं होंगे। वहीं अब से उक्त लेक ब्रिज चुंगी व कार पार्किंग का संचालन नगरपालिका स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करेगी।
120 से बढ़कर 500 रुपये हो सकता है प्रवेश शुल्क
आपको बताते चलें कि सरोवर नगरी नैनीताल में नगरपालिका अब नैनीताल की सैर की खातिर आने वाले वाहनों से नैनीताल प्रवेश शुल्क के नाम पर बढ़ा हुआ शुल्क लेने वाली है। वर्तमान समय में सरोवर नगरी में प्रवेश शुल्क मात्र 120 रुपये प्रति वाहन है, लेकिन अब नगर पालिका इस प्रवेश शुल्क को 500 रुपये प्रति वाहन की दर से बढ़ाने का विचार कर रही है। इसके लिए नैनीताल नगर पालिका द्वारा भवाली, हल्द्वानी व कालाढूंगी मार्ग पर टैक्स वसूली बूथ भी बनाए जाएंगे, जिसके लिए सभी व्यवस्थाओं के निर्धारण के लिए नैनीताल नगर पालिका बायलाज में संशोधन भी किया जाएगा। वहीं नैनीताल हाईकोर्ट ने नगरपालिका को नैनीताल एंट्री टैक्स केवल UPI स्कैनर के माध्यम से ही ग्रहण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। वहीं इस पर नैनीताल नगरपालिका का कहना है कि नेटवर्क की समस्या के कारण आनलाइन चुंगी वसूली प्रकिया परेशानी का सबब बन सकती है परंतु नैनीताल हाईकोर्ट ने इसे दृढ़ दलील मान्य न करने हुए खारिज कर दिया।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

