Chhath puja : लोक आस्था का महान पर्व छठ आज से विधिवत रूप से नहाए-खाए के साथ शुरु हो गया है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व की शुरुआत आज भक्तजन शुद्धता और पवित्रता के साथ कर रहे हैं। सुबह-सुबह श्रद्धालु नदी, तालाबों और गंगाघाटों पर स्नान कर घर लौटे और सात्विक भोजन के साथ व्रत की शुरुआत की। छठ पर्व सूर्य उपासना का पर्व है, जिसमें सूर्य देव और छठी मैया की आराधना की जाती है। मान्यता है कि छठी मैया संतान की रक्षा करती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। आज के दिन व्रती केवल एक बार सात्विक भोजन करते हैं, जिसे नहाए-खाए कहा जाता है।
निराहार रहकर सूर्यास्त और सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर की जाएगी पूजा
कल यानी दूसरे दिन खरना का अनुष्ठान होगा, जिसमें व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को गुड़ की खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके बाद दो दिन तक निराहार रहकर सूर्यास्त और सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर पूजा की जाएगी। छठ पर्व का विशेष उत्साह बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड सहित पूरे देश में देखने को मिल रहा है। घाटों की सफाई और सजावट का कार्य पूरा हो चुका है, तो वहीं प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष इंतजाम भी किया हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि परिवारिक एकता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश भी देता है।
सिमरन बिंजोला

