Andhra Pradesh में माओवादी माड़वी हिड़मा के मारे जाने के एक दिन बाद सुरक्षा बलों ने राज्य में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। मारेदुमिल्ली इलाके में हुई मुठभेड़ में सात माओवादी मारे गए, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। खुफिया विभाग और पुलिस सभी की पहचान कर रहे हैं। यह कार्रवाई माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने और राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।
पुलिस के अनुसार, मारे गए माओवादी में से एक मेतुरी जोखा राव उर्फ शंकर थे। वह श्रीकाकुलम के रहने वाले थे और आंध्र-ओडिशा सीमा के लिए जिम्मेदार थे। शंकर तकनीकी मामलों, हथियारों और संचार के जानकार थे और माओवादी संगठन के संचालन में अहम भूमिका निभा रहे थे। उनके मारे जाने से संगठन की तकनीकी क्षमता और संचालन प्रभावित हुआ है।
सुरक्षाबलों ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 50 माओवादी कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया। ये गिरफ्तारी कृष्णा, एलुरु, एनटीआर (विजयवाड़ा), काकिनाड़ा और डॉ. बीआर आंबेडकर (कोणासीमा) जिलों में की गई। गिरफ्तार माओवादी में वरिष्ठ नेता, संचार विशेषज्ञ, सशस्त्र प्लाटून सदस्य और पार्टी के अन्य लोग शामिल हैं। सभी माड़वी हिड़मा के करीब काम कर रहे थे, जो भाकपा-माओवादी पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य थे।
आंध्र प्रदेश खुफिया विभाग के एडीजी महेश चंद्र लड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन मुठभेड़ों और गिरफ्तारीयों से दक्षिण बस्तर और दंडाकरन्या नेटवर्क पर गंभीर चोट लगी है। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई माओवादी संगठन को कमजोर करने और राज्य में शांति बनाए रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इस अभियान से यह संदेश भी गया कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां उग्रवाद के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं।
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