Siddharthnagar Road Protest: जब सड़क बनी खेत

Siddharthnagar Road Protest: जब सड़क बनी खेत

Siddharthnagar Road Protest – सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में सड़क की बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध अब चर्चा का विषय बन गया है। यहां लोगों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए सड़क को ही खेत बना दिया। कीचड़ से लबालब सड़क पर धान की रोपाई की गई, एक युवक को चारपाई पर लिटाकर दलदल भरे रास्ते से निकाला गया और पूरे गांव में गूंजा एक ही नारा—”रोड नहीं तो वोट नहीं।” ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार सिर्फ वादे और आश्वासन ही मिले।

यह तस्वीरें डुमरियागंज तहसील के तेलियाडीह ग्राम पंचायत के चेतरा टोला की हैं। बरसात शुरू होते ही यह मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। सड़क पर पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। इसी बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर अनोखे अंदाज में विरोध जताया। इतना ही नहीं, एक युवक को चारपाई पर लिटाकर कीचड़ भरे रास्ते से निकालते हुए यह संदेश दिया कि यदि गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इसी सड़क से बच्चे स्कूल जाते हैं, किसान खेतों तक पहुंचते हैं, मरीज अस्पताल और आम लोग बाजार व तहसील मुख्यालय आते-जाते हैं। लेकिन बरसात में सड़क दलदल बन जाने से पूरा गांव मानो टापू बन जाता है। प्रदर्शन के दौरान “रोड नहीं तो वोट नहीं”, “नेता जी जवाब दो” और “हमारी सड़क कब बनेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से कई बार सड़क बनवाने की मांग की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। उनका कहना है कि चुनाव के समय सड़क बनाने के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्या भुला दी जाती है।

सड़क पर धान की रोपाई और चारपाई पर मरीज का प्रतीकात्मक प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन रहा है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करते हुए “सड़क नहीं तो वोट नहीं” आंदोलन को और तेज करेंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह अनोखा विरोध जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की नींद खोलेगा, या फिर चेतरा टोला के लोग अगली बरसात में भी इसी दलदल से गुजरने को मजबूर रहेंगे।

वर्तमान स्थिति vs ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा हालात और उनकी अपेक्षाओं में बड़ा अंतर है।

मुद्दावर्तमान स्थितिग्रामीणों की मांग
सड़ककीचड़ और दलदलपक्की एवं सुरक्षित सड़क
आवागमनबेहद कठिनहर मौसम में सुगम रास्ता
स्वास्थ्यमरीजों को ले जाने में परेशानीबेहतर आपातकालीन पहुंच
प्रशासनआश्वासन मिलने का आरोपशीघ्र निर्माण कार्य शुरू हो

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FAQs

Q1. यह विरोध प्रदर्शन कहां हुआ?
यह प्रदर्शन सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के तेलियाडीह ग्राम पंचायत स्थित चेतरा टोला में हुआ।

Q2. ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई क्यों की?
ग्रामीणों ने बदहाल और कीचड़ भरी सड़क के विरोध में प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रतीकात्मक रूप से धान की रोपाई की।

Q3. प्रदर्शन के दौरान कौन-से नारे लगाए गए?
ग्रामीणों ने “Road Nahi To Vote Nahi”, “नेता जी जवाब दो” और “हमारी सड़क कब बनेगी” जैसे नारे लगाए।

Q4. ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?
उनकी मुख्य मांग सड़क का शीघ्र निर्माण, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।

Q5. यदि सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने क्या चेतावनी दी है?
ग्रामीणों ने कहा है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव में “Road Nahi To Vote Nahi” अभियान को और तेज करेंगे तथा मतदान के बहिष्कार पर भी विचार कर सकते हैं।

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