Giridih Chorgata Theft Attempt – गिरिडीह रात के अंधेरे में घर में घुसे 5-6 संदिग्ध चोर, शोर मचाने पर भागे दो माह में दूसरी बार चोरी की कोशिश से दहशत में परिवार, पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की लगाई गुहार जमुआ थाना क्षेत्र के नवडीहा ओपी अंतर्गत चोरगता गांव में एक घर में देर रात 5-6 संदिग्ध चोरों के घुसने का मामला सामने आया है। परिवार के लोगों के जाग जाने और शोर मचाने के बाद सभी संदिग्ध मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।चोरगता निवासी दिलखुश चौधरी, पिता मदन चौधरी ने नवडीहा ओपी में आवेदन देकर बताया है कि 24 अगस्त की रात करीब दो बजे 5-6 लोग उनके घर में चोरी की नीयत से घुसे थे। सभी ने अपने चेहरे को काले कपड़े से ढक रखा था। घर में कुछ आवाज होने पर परिवार के सदस्यों की नींद खुल गई।
इसके बाद परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर संदिग्ध गिरिडीह चोर घर से बाहर निकलकर पूरब दिशा की ओर भाग गए। आसपास के ग्रामीणों के जुटने और हो-हल्ला होने के कारण वे मौके से फरार होने में सफल रहे। पीड़ित का आरोप है कि यदि समय रहते परिवार की नींद नहीं खुलती तो घर में दोबारा चोरी की घटना हो सकती थी। दिलखुश चौधरी ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि इससे पहले 12 जून 2026 को भी उनके घर में चोरी हुई थी। उस घटना को लेकर थाना और संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर सूचना दी गई थी, लेकिन उनका कहना है कि अब तक मामले में अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें न्याय नहीं मिल सका। लगातार दूसरी बार घर को निशाना बनाए जाने से परिवार के लोग भय और दहशत में हैं। पीड़ित ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर संदिग्धों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है, ताकि वे रात में भयमुक्त होकर सो सकें। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी गंभीरता से जांच करते हुए संदिग्धों तक पहुंचती है और पूर्व की चोरी की घटना का भी खुलासा कर पाती है या नहीं।
24 August की Night में क्या हुआ?
पीड़ित के आवेदन के मुताबिक घटना के समय परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। रात करीब दो बजे भीतर से आवाज आने पर उनकी नींद खुली। घर में कई संदिग्ध लोगों को देखकर परिजनों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण भी जाग गए और संदिग्ध मौके से भाग निकले।
- घटना रात करीब दो बजे की बताई गई
- पांच से छह संदिग्धों पर आरोप
- चेहरे काले कपड़े से ढके होने का दावा
- परिवार के शोर मचाने पर भागे संदिग्ध
- सभी के पूरब दिशा में जाने की जानकारी
June Theft और August Attempt में क्या Difference है?
परिवार के अनुसार जून में घर में वास्तविक चोरी हुई थी, जबकि अगस्त की घटना में शोर मचने के कारण संदिग्ध अपने कथित उद्देश्य में सफल नहीं हो सके। दोनों घटनाएं एक ही घर से जुड़ी हैं, इसलिए जांच में इनके बीच किसी संभावित connection की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।
| आधार | 12 जून 2026 की घटना | 24 अगस्त 2026 की घटना |
|---|---|---|
| घटना का प्रकार | चोरी होने की शिकायत | चोरी की कथित कोशिश |
| समय | रात के दौरान | करीब रात दो बजे |
| पीड़ित परिवार | दिलखुश चौधरी का परिवार | वही परिवार |
| संदिग्धों की संख्या | स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं | पांच से छह बताई गई |
| पहचान | जांच का विषय | चेहरे ढके होने का दावा |
| परिणाम | सामान चोरी होने की शिकायत | शोर के बाद संदिग्ध भागे |
| पुलिस से मांग | चोरी का खुलासा | जांच, पहचान और सुरक्षा |
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FAQs:Giridih Chorgata Theft Attempt
1. चोरगता गांव की घटना कब हुई?
पीड़ित के अनुसार घटना 24 अगस्त की रात करीब दो बजे हुई।
2. घर में कितने संदिग्ध घुसे थे?
आवेदन में पांच से छह संदिग्ध लोगों के घर में घुसने का दावा किया गया है।
3. क्या इस घटना में कोई सामान चोरी हुआ?
परिवार के अनुसार शोर मचाने के कारण संदिग्ध भाग गए और नई घटना में चोरी की सूचना नहीं है।
4. इस घर में पहले भी चोरी हुई थी?
परिवार का कहना है कि 12 जून 2026 को इसी घर में चोरी हुई थी और पुलिस को शिकायत दी गई थी।
5. क्या पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ लिया है?
उपलब्ध जानकारी में किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं है। पुलिस जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

