Giridih Teachers Day Celebration – गिरिडीह शिक्षक दिवस पर पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय में डॉ. राधाकृष्णन को किया गया नमन, बच्चों ने लिया गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प गिरिडीह, पचंबा। देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान शिक्षाविद एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शनिवार को शिक्षक दिवस के रूप में पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय, पचंबा में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार मिश्रा ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके आदर्शों एवं बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं माया मरियम हंसदा एवं पूनम कुमारी सहित एसएमसी अध्यक्ष सोनी देवी एवं अन्य सदस्यों ने भी डॉ. राधाकृष्णन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। छात्र-छात्राओं ने भी अपने गुरुजनों को नमन करते हुए शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक अशोक कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक केवल बच्चों को किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जीवन में सही दिशा दिखाने, संस्कार देने और अच्छे-बुरे का फर्क समझाने का कार्य भी करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का पद समाज में अत्यंत सम्मानित और महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक शिक्षक ही विद्यार्थियों के भविष्य को सही दिशा देकर उन्हें देश का जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाता है।उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने शिक्षकों का सम्मान करने तथा जीवन में अनुशासन और मेहनत को अपनाने की अपील की। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल देश के कर्णधार और राष्ट्र निर्माता बनेंगे।
समारोह के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं में भी शिक्षक दिवस को लेकर उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बेहतर भविष्य के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार ने इस अवसर पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को याद करते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने तथा विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देने का संकल्प लिया। समारोह का माहौल गुरु-शिष्य परंपरा, सम्मान और श्रद्धा से ओत-प्रोत रहा।
Teachers Day समारोह में क्या रहा खास?
गिरिडीह शिक्षक दिवस विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम सादगी के साथ शिक्षक और विद्यार्थी के रिश्ते को समर्पित रहा। शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और बच्चों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और गुरुजनों के सम्मान का महत्व बताया गया।
- डॉ. राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।
- शिक्षकों और SMC सदस्यों ने पुष्प अर्पित किए।
- बच्चों ने गुरुजनों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं।
- विद्यार्थियों ने बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
- मेहनत, अनुशासन और नियमित पढ़ाई का संदेश दिया गया।
शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, जीवन की Direction भी बताते हैं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक अशोक कुमार मिश्रा ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक का काम बच्चों को केवल पाठ्यक्रम पढ़ाना नहीं होता। शिक्षक विद्यार्थियों को जीवन में सही दिशा चुनने, अच्छे-बुरे का अंतर समझने और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए भी तैयार करते हैं।
का संदेश दिया।
किताबी पढ़ाई और जीवन की सीख में क्या Difference है?
विद्यालय में बच्चों को बताया गया कि किताबी ज्ञान परीक्षा और करियर के लिए जरूरी है, जबकि शिक्षक से मिलने वाली जीवन की सीख व्यक्ति के व्यवहार और सोच को बेहतर बनाती है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं और विद्यार्थी के पूरे व्यक्तित्व को विकसित करने में मदद करते हैं।
| सीख का प्रकार | शिक्षक की भूमिका | बच्चों को लाभ |
|---|---|---|
| किताबी पढ़ाई | विषयों को आसान तरीके से समझाना | पढ़ाई और परीक्षा की बेहतर तैयारी |
| अनुशासन | समय और नियमों का महत्व बताना | जिम्मेदार आदतों का विकास |
| संस्कार | सम्मान और अच्छे व्यवहार की सीख | बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण |
| मार्गदर्शन | सही और गलत का फर्क समझाना | सोच-समझकर फैसला लेने की क्षमता |
| प्रोत्साहन | परेशानी में हौसला बढ़ाना | आत्मविश्वास में बढ़ोतरी |
बच्चों ने लिया Better Future के लिए मेहनत का संकल्प
शिक्षक दिवस समारोह में छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान जताया। बच्चों ने शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि वे पढ़ाई और जीवन से जुड़ी हर चुनौती में उनका मार्गदर्शन करते रहेंगे।
विद्यालय परिवार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को याद करते हुए शिक्षा के माध्यम से समाज को मजबूत बनाने की बात कही। कार्यक्रम का माहौल गुरु-शिष्य परंपरा, सम्मान और अपनापन से भरा रहा। बच्चों को समझाया गया कि सफलता किसी एक दिन की मेहनत से नहीं मिलती। नियमित पढ़ाई, समय का सही उपयोग और गलतियों से सीखने की आदत उन्हें अपने लक्ष्य के करीब ले जाती है। शिक्षक दिवस का यह आयोजन बच्चों के लिए अपने शिक्षकों के योगदान को समझने का भी अवसर बना।
- रोजाना नियमित समय पर पढ़ाई करें।
- शिक्षकों की सलाह को ध्यान से सुनें।
- स्कूल में अनुशासन बनाए रखें।
- मेहनत और ईमानदारी को जीवन का हिस्सा बनाएं।
सम्मान के साथ मिला शिक्षा और संस्कार का संदेश
पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय, पचंबा में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह ने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन का महत्व भी समझाया। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए विद्यालय परिवार ने उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। प्रधानाध्यापक अशोक कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को बताया कि शिक्षक उनके भविष्य को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं।
कार्यक्रम में शिक्षिकाओं, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और बच्चों की भागीदारी ने गुरु-शिष्य संबंध की गरिमा को सामने रखा। ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता तभी है, जब बच्चे यहां मिली सीख को अपने व्यवहार में भी उतारें। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई करने, समय का सम्मान करने और शिक्षकों के अनुभव से सीखने की जरूरत है। वहीं विद्यालयों को भी पढ़ाई के साथ बच्चों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और अच्छे संस्कार विकसित करने वाली गतिविधियां लगातार आयोजित करनी चाहिए। इससे बच्चे बेहतर विद्यार्थी बनने के साथ जिम्मेदार नागरिक भी बन सकेंगे।
SOURCE USED –https://pmshrischools.education.gov.in/,https://www.dsel-education.gov.in/
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FAQs: Giridih Teachers Day Celebration
1. शिक्षक दिवस समारोह कहां आयोजित किया गया?
समारोह गिरिडीह के पचंबा स्थित पीएम श्री शारदा कन्या मध्य विद्यालय में आयोजित हुआ।
2. कार्यक्रम किसकी जयंती पर आयोजित किया गया?
कार्यक्रम पूर्व राष्ट्रपति और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आयोजित किया गया।
3. कार्यक्रम की शुरुआत कैसे हुई?
डॉ. राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम शुरू किया गया।
4. प्रधानाध्यापक ने बच्चों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ने, अनुशासन अपनाने और शिक्षकों का सम्मान करने की अपील की।
5. समारोह में कौन-कौन शामिल हुआ?
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक, शिक्षिकाएं, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

