IAF Aircraft Crash

IAF Aircraft Crash: असम के जोरहाट में वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश, लैंडिंग के समय हुआ बड़ा हादसा

IAF Aircraft Crash: असम के जोरहाट में बने रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह हादसा उस समय हुआ जब विमान रनवे पर उतरने की कोशिश कर रहा था. टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान के दो टुकड़े हो गए और चारों तरफ आग और धुआं फैल गया. भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया (X) पर इस खबर की पुष्टि की है. वायुसेना ने बताया कि यह हादसा क्यों और कैसे हुआ, इसकी सही वजह जानने के लिए एक जांच कमेटी बना दी गई है.

पायलट की जान जाने की आशंका

हादसे के तुरंत बाद एयरफोर्स स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई. दमकल की गाड़ियां, बचाव दल और डॉक्टरों की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया. फिलहाल दुर्घटना की जगह पर आग बुझाने और मलबे को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है.

शुरुआती खबरों के मुताबिक, इस हादसे में पायलट की जान जाने की आशंका है. हालांकि, वायुसेना ने अभी तक किसी की मौत या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. विमान में कुल कितने लोग थे, इसकी जानकारी आना अभी बाकी है.

पिछले 10 सालों में AN-32 विमान के 3 बड़े हादसे

साल 1986 से लेकर अब तक भारत में AN-32 विमानों के साथ कुल 22 हादसे हो चुके हैं. अगर पिछले 10 सालों (2016 से 2026) की बात करें, तो इस विमान से जुड़े 3 बड़े हादसे हुए हैं, जिनमें वायुसेना ने अपने 42 जवानों को खोया है:

  • 22 जुलाई 2016 (पहला हादसा): चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक AN-32 विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर अचानक गायब हो गया. इस विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत हो गई थी. काफी सालों बाद, 2024 में समुद्र के नीचे इसका मलबा तो मिल गया, लेकिन यह हादसा क्यों हुआ, यह आज तक साफ नहीं हो पाया.
  • 3 जून 2019 (दूसरा हादसा): एक और AN-32 विमान असम के इसी जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश जा रहा था, जो रास्ते में पहाड़ियों के बीच क्रैश हो गया. इस हादसे में विमान में मौजूद सभी 13 जवानों की जान चली गई.
  • 7 मार्च 2025 (तीसरा हादसा): पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पर एक विमान उतरते समय रनवे से फिसल गया था. इस हादसे में विमान तो पूरी तरह टूट गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित बच गए और किसी की जान नहीं गई.

क्यों खास है जोरहाट का रौरिया एयरबेस?

AN-32 भारतीय वायुसेना का एक बहुत पुराना और भरोसेमंद विमान है. इसका इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों और राशन को पहाड़ी व मुश्किल रास्तों तक पहुँचाने के लिए किया जाता है. जिस जोरहाट एयरफोर्स स्टेशन पर यह हादसा हुआ, वह पूर्वोत्तर भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण बेस है. असम और उसके आसपास के राज्यों में सेना की मदद और सामान पहुँचाने के लिए यह एयरबेस बेहद जरूरी माना जाता है.

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