Patna Book Fair: पटना के गांधी मैदान में पुस्तक मेला लगा है, जहाँ एक किताब ने सबका ध्यान खींचा है। इस किताब की कीमत 15 करोड़ रुपये है और इसे अब दुनिया की सबसे महंगी किताब माना जा रहा है। इस किताब का नाम ‘मैं’ है और इसे लेखक रत्नेश्वर ने लिखा है।
लेखक का दावा और किताब का विषय
लेखक रत्नेश्वर ने बताया कि उन्होंने इस किताब को केवल 3 घंटे 24 मिनट में लिखा, जबकि इसे पूरी तरह तैयार करने में उन्हें तीन महीने लगे। किताब में 43 अध्याय हैं और यह मनुष्य की ‘मानने से जानने’ की यात्रा’ पर आधारित है। रत्नेश्वर का कहना है कि यह ग्रंथ ज्ञान की परम अवस्था को समझने का प्रयास करता है।

वे कहते हैं कि यह ग्रंथ संसार का पहला ऐसा ग्रंथ है जो यह बताता है कि किसी मनुष्य को ज्ञान प्राप्त होने की परम अवस्था क्या होती है।
कितनी प्रतियां और वितरण
अब तक इस किताब की केवल तीन प्रतियां पूरी दुनिया में बेची जाएंगी। बाकी किताबें प्रदर्शनी और 11 खास व्यक्तियों के लिए रखी गई हैं। लेखक का लक्ष्य इसे सिर्फ कुछ चुनिंदा लोगों तक पहुँचाना है।
भाषा और पन्नों की जानकारी
किताब हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इंग्लिश संस्करण में 408 पन्ने हैं और हिंदी में 382 पन्ने। कुल 16 प्रतियां प्रकाशित की गई हैं, जिनमें से आठ अंग्रेजी और आठ हिंदी में हैं।

उद्घाटन और मेले का महत्व
पटना पुस्तक मेले का उद्घाटन 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। यह मेला 41 वर्षों से गांधी मैदान में लगातार आयोजित हो रहा है। रविवार को मेले में ‘मैं’ किताब विशेष आकर्षण बन गई और साहित्य प्रेमियों के बीच चर्चाओं का विषय बनी।
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