Yamuna Safai Abhiyan: दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के घाटों की सफाई को लेकर एक व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत राजधानी के 19 से 28 प्रमुख घाटों और रिवरफ्रंट क्षेत्रों में एक साथ सफाई कार्य किया गया। ‘मां यमुना तट स्वच्छता अभियान’ और ‘एक संकल्प – स्वच्छ यमुना’ के नाम से चलाए गए इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया नेतृत्व
इस अभियान का नेतृत्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी स्थित ठोकर नंबर-14 घाट पर किया। उन्होंने स्वयं श्रमदान कर यमुना तट की सफाई में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय पहचान है, और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हर नागरिक की है।
मंत्रियों और नेताओं की व्यापक भागीदारी
अभियान में पूरी दिल्ली कैबिनेट, सांसद, विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग घाटों पर सफाई कार्य किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, विधायक नीरज बसोया और सांसद स्वाति मालीवाल ने भी विभिन्न स्थानों पर अभियान में भाग लिया और लोगों को जागरूक किया।
हजारों स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान
इस स्वच्छता अभियान में 500 से अधिक सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक संगठनों के साथ हजारों स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। सुबह से ही घाटों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कचरा, प्लास्टिक, पूजा सामग्री, घास और जलकुंभी को हटाकर यमुना तटों की सफाई की।
जन-जागरूकता और भविष्य की योजना
सरकार ने इस अभियान को यमुना संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। नागरिकों को संकल्प दिलाया गया कि वे नदी में कचरा नहीं डालेंगे और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करेंगे। दिल्ली सरकार ने कहा कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे ताकि यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाया जा सके।
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