Pune Murder Case: पुणे के सनसनीखेज केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस के हाथ एक बेहद अहम सुराग लगा है। पुलिस को एक एक्सक्लूसिव सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मिला है, जिससे साफ होता है कि 26 वर्षीय केतन की हत्या की पूरी पटकथा उसकी 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर एक कैफे में लिखी थी। पुलिस के मुताबिक, हत्या से ठीक पहले दोनों ने पुणे के एक कैफे में करीब एक घंटे तक बैठकर पूरी साजिश पर चर्चा की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस डिजिटल सबूतों और चैट रिकॉर्ड्स के जरिए केस की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
कैफे की टेबल पर बनी थी मर्डर की प्लानिंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि 17 जून की शाम करीब 4:35 बजे सिया गोयल और चेतन चौधरी पुणे के ‘थर्ड वेव कैफे’ पहुंचे थे। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को हाथ पकड़कर गंभीर चर्चा करते हुए देखा गया है। लगभग एक घंटे तक कैफे में रुकने के बाद दोनों वहां से रवाना हुए। तकनीकी जांच में यह भी पता चला है कि सिया ने घटना से पहले यूट्यूब पर लोहगढ़ किले के वीडियो सर्च किए थे और यह जानकारी चेतन के साथ शेयर की थी। केतन एक ट्रेकर थे, इसलिए आरोपियों ने साजिश के तहत लोहगढ़ पहाड़ी को ही वारदात के लिए चुना ताकि हत्या को एक हादसा दिखाया जा सके।
दो बार फेल होने के बाद तीसरी कोशिश में हत्या
इस खौफनाक साजिश की शुरुआत पिछले साल दीपावली की एक पार्टी से हुई थी, जहां सिया और चेतन की मुलाकात हुई और दोनों में प्यार हो गया। चूंकि सिया की शादी केतन से तय हो चुकी थी, इसलिए वह इस रिश्ते से पीछा छुड़ाना चाहती थी। आरोपियों ने केतन को रास्ते से हटाने के लिए तीन बार प्रयास किए। पहली कोशिश 14 जून को की गई, लेकिन वहां अचानक सांप आ जाने से योजना फेल हो गई। इसके बाद 18 जून को लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का दिया गया, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और उसने इसे सिया की गलती समझकर नजरअंदाज कर दिया।
आखिरकार, 20 जून को तीसरी कोशिश में आरोपियों ने केतन को पहाड़ी से नीचे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना की सबसे दर्दनाक बात यह है कि जिस सिया ने केतन की मौत की साजिश रची, उसी के जन्मदिन (19 जून) को खास बनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिजॉर्ट में 40 से 50 कमरे बुक कराए थे।
दोस्त के फोन का इस्तेमाल और पुलिस की तफ्तीश
चालाक आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात के दिन अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ दिया था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। इसके बजाय उसने अपने करीबी दोस्त नीरज के फोन का इस्तेमाल किया और उसी के जरिए वह सिया के संपर्क में रहा। पुणे पुलिस अब नीरज को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इस साजिश में शामिल था या उसे अंधेरे में रखकर उसका फोन इस्तेमाल किया गया। बेटे की मौत से टूटे पिता विशाल अग्रवाल का कहना है कि जिस बेटे को उन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा माना था, उसे भरोसे और रिश्ते के नाम पर सिर्फ धोखा मिला है।

