Beaver Supermoon 2025: चार नवंबर की रात आसमान में चांद का सबसे चमकीला और बड़ा रूप देखने को मिलेगा। यह सुपरमून होगा यानी ऐसा समय जब चांद अपनी कक्षा में पृथ्वी के सबसे करीब होता है। इस वजह से यह सामान्य पूर्णिमा की तुलना में लगभग 7% बड़ा और 16% ज्यादा चमकीला दिखाई देगा। इसकी रोशनी इतनी तेज होगी कि जमीन पर हल्की परछाईं भी दिखेगी। इस रात का चांद इतना खास इसलिए होगा क्योंकि यह साल 2025 के तीन लगातार सुपरमून में से दूसरा है। इससे पहले ऐसा नजारा अगस्त 2024 में चीन के चेंगदू शहर के लोंगक्वान पर्वत से देखा गया था। लेकिन इस बार चांद पृथ्वी के और करीब होगा, इसलिए उसकी चमक और भी ज्यादा होगी।
इस सुपरमून को ‘बीवर मून’ भी कहा जाता है। यह नाम उत्तरी अमेरिका की स्थानीय जनजातियों से आया है। पुराने समय में इस पूर्णिमा के दौरान बीवर यानी जलचूहे सर्दियों के लिए अपने घर (मांद) बनाते थे, और शिकारी बर्फ जमने से पहले नदी किनारे जाल लगाते थे। इसलिए इस पूर्णिमा को बीवर मून कहा गया।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब चांद पृथ्वी के पास के बिंदु ‘पेरिजी’ पर होता है और उसी समय पूर्णिमा होती है, तो वह सुपरमून कहलाता है। हालांकि हर सुपरमून एक जैसा नहीं होता, कुछ ज्यादा चमकीले होते हैं, तो कुछ थोड़ा कम।
चार नवंबर की रात आसमान में यह अद्भुत नजारा साफ दिखाई देगा। अगर मौसम ठीक रहा, तो यह चांद ठंडी पतझड़ की रात को दिन जैसा उजाला दे देगा और देखने वालों के लिए यादगार पल बन जाएगा।
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