CJI : सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे देश को हिला दिया। सुबह के सत्र के दौरान एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश की। यह घटना अदालत की गरिमा पर सवाल खड़ी कर रही है। लेकिन सीजेआई गवई ने शांति बनाए रखी और कार्यवाही जारी रखी।
घटना का पूरा विवरण
सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में सीजेआई बी.आर. गवई की अगुवाई वाली बेंच वकीलों के मामलों की सुनवाई कर रही थी। दोपहर करीब 11:35 बजे एक 71 साल के वकील राकेश किशोर बेंच के पास पहुंचे। उन्होंने अपना स्पोर्ट्स शू उतारा और सीजेआई पर फेंकने की कोशिश की। कुछ गवाहों का कहना है कि उन्होंने जूता ही फेंका, जबकि अन्य ने बताया कि यह एक कागज का रोल था। वकील ने वकील की पोशाक पहन रखी थी और वह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का रजिस्टर्ड सदस्य है। सुरक्षा कर्मियों ने फौरन एक्शन लिया। उन्होंने वकील को पकड़ लिया और अदालत कक्ष से बाहर निकाल दिया। निकलते वक्त वकील चिल्ला रहा था, “सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान!” इस हंगामे से सत्र कुछ मिनटों के लिए रुक गया। लेकिन जल्द ही सब कुछ सामान्य हो गया।
CJI गवई का शांतिपूर्ण रवैया
इस पूरे ड्रामे के बीच सीजेआई गवई बिल्कुल शांत रहे। उन्होंने वकीलों से कहा, “इन सब बातों से विचलित मत होइए। हम विचलित नहीं हैं। इन बातों का मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता।” फिर उन्होंने अगले वकील को अपनी दलीलें पेश करने को कहा। उनका यह रवैया सराहनीय है। सीजेआई को जेड प्लस सिक्योरिटी कवर मिला हुआ है, जो दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी डिवीजन देती है। फिर भी, उन्होंने किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई।
हमले का कारण: खजुराहो मूर्ति विवाद
यह घटना अचानक नहीं घटी। सूत्रों के मुताबिक, यह खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की 7 फुट ऊंची सिर कटी मूर्ति की पुनर्स्थापना से जुड़े एक पुराने मामले से प्रेरित लग रही है। कुछ दिन पहले इसी मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई गवई ने कहा था, “यह आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) का मामला है। अगर आप विष्णु भक्त हैं, तो प्रार्थना करें या शैव धर्म को अपनाकर वहां पूजा करें।”
इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। कई लोगों ने आरोप लगाया कि इससे सनातन धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंची। दो दिन बाद अदालत में ही सीजेआई ने सफाई दी, “मेरा कोई अपमान करने का इरादा नहीं था। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं और सच्चे सेकुलरिज्म में विश्वास रखता हूं।” लेकिन कुछ लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए। वकील राकेश किशोर, जो मयूर विहार, दिल्ली के रहने वाले हैं, शायद इसी से नाराज थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है।
जांच और आगे की कार्रवाई
सर्वोच्च न्यायालय की सिक्योरिटी यूनिट ने तुरंत जांच शुरू कर दी। दिल्ली पुलिस ने वकील को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ में पता चला कि वह सीजेआई की टिप्पणियों से नाराज था। लेकिन बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया। वकील हाई कोर्ट बार काउंसिल से जुड़े हुए हैं और पहले भी कुछ विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं। अब सवाल यह है कि अदालत की सुरक्षा में यह चूक कैसे हुई? सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूरी घटना की वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है।
