Pollution Update : दीपावली पर जमकर आतिशबाजी देखने को मिली, दो दिन तक हुई आतिशबाजी के चलते हवा में जहर घुल गया है। हवा में प्रदूषण इतना बढ़ गया है, कि एक्यूआई में दो दिनों में ही बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बच्चे और बूढ़ों पर इसका ज्यादा असर देखऩे को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, पटना, जयपुर और देहरादून जैसे शहरों में प्रदूषण स्तर में भारी उछाल दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आतिशबाजी से वातावरण में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पीएम 2.5 के स्तर में तेज़ वृद्धि हुई है।
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब
दिल्ली में कई इलाकों में AQI 450 के पार पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। वहीं उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। पर्यावरणविदों का कहना है कि हर साल दीपावाली के बाद वायु गुणवत्ता बिगड़ने का यह क्रम चिंताजनक है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि आने वाले वर्षों में ‘ग्रीन पटाखों’ और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों से त्योहार मनाकर प्रदूषण पर रोक लगाने में योगदान दें।
सिमरन बिंजोला
