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तमिलनाडु में मदूरई मीनाक्षी की शहर में निकाली गई झांकी

तिरुपति बाला जी मंदिर में भी होता है तिरुप्पवई का पाठ

तमिलनाडु में मदुरई मीनाक्षी अम्मन मंदिर के मार्गाजी अष्टमी कार महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया महोत्सव शुरु करने के लिए साधुओं ने शख- नाथ और ढ़ोल नगाड़ों के साथ किया गया उसके बाद मां मीनाक्षी को पालकी में बैठाकर पूरे शहर में उनकी झांकी निकाली गई इस झांकी में लाखों साधुओं बुजुर्गों और बच्चों ने शामिल होकर मां मीनाक्षी का आशीर्वाद लिया पूरे शहर में मां मीनाक्षी के खूब जयकारे लगाए गए जिससे पूरा शहर गूंज उठा वहीं लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी संख्या में पुलिस भी शामिल थी लेकिन तभी लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उठाई और इस अवसर पर लोगों ने मां मीनाक्षी से कोरोना को खत्म कर हालात को पहले जैसा करने की प्रार्थना भी की। वहीं अंडाल के तिरुप्पवई का जाप इस महीने का सबसे महत्वपूर्ण जाप माना जाता है तिरुप्पवई में 30 श्लोक हैं मार्गली महीने के हर दिन एक छंद का जाप किया जाता है तामिलनाडु के विश्व प्रसिद्ध मंदिर तिरुमाला तिरुपति बालाजी मंदिर में मार्गाजी के महीने में सुबह की प्रार्थना के रूप में सामान्य प्रार्थना के बजाय तिरुप्पवई का पाठ किया जाता है। इस दौरान लोग अपने घरों के सामने रंगोली भी बनाते है यहां तक की सड़कों और दुकानों के आगे के रास्ते को भी लोग विभिन्न रंगों से रंगोली बनाकर सजाते हैं। यह भी पढ़ें- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज उत्तराखंड दौरे पर त्योहार वैकुंठ एकादशी हनुमान जयंती और अरुद्र दर्शन मार्गली महीने में सबसे महत्वपूर्ण हैं। मार्गली महीना सबरीमाला अयप्पा मंदिर तीर्थयात्रा अंत का प्रतीक भी माना जाता है। आरती राणा

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