Winter Break Judiciary : भारत में आमतौर पर न्यायपालिका के शीतकालीन अवकाश के दौरान कोर्ट बंद रहते हैं। लोग सोचते हैं कि इस समय न्याय की सुनवाई रुकी रहेगी। लेकिन इस बार हालात कुछ अलग है। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक बड़ा और असामान्य फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि 22 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट में छुट्टियों के बीच एक विशेष बेंच मामलों की सुनवाई करेगी। इस विशेष बेंच की अध्यक्षता खुद CJI सूर्यकांत करेंगे, जिनके साथ न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची भी मौजूद रहेंगी।
यह कदम उन महत्वपूर्ण और अर्जेंट मामलों के लिए उठाया गया है जिन्हें लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता। आम लोगों के लिए यह एक राहत की खबर है, क्योंकि छुट्टियों में लंबित मामलों का बोझ अक्सर बढ़ जाता है और न्याय के इंतजार में लोग लंबे समय तक परेशान रहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की डेली कॉज-लिस्ट के मुताबिक, यह विशेष ‘वैकेशन बेंच’ सुबह 11:00 बजे से सुनवाई शुरू करेगी। इसमें कई सिविल मामलों को लिस्ट को शामिल किया गया है, जिनमें ‘माहिका इंफ्रा LLP बनाम मनीषा कंस्ट्रक्शंस’ जैसे अहम मुकदमे शामिल हैं। इन मामलों की अर्जेंट सुनवाई के लिए ‘मेंशन मेमो’ के जरिए अनुरोध किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को साफ निर्देश दिए हैं कि इस दिन स्थगन की मांग न करें। अदालत चाहती है कि लिस्ट किए गए सभी मामलों का निपटारा उसी दिन किया जाना चाहिए। यह बेंच खासकर उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जिनके मामले बेहद संवेदनशील हैं।
बताया जा रहा है कि इस विशेष सुनवाई के लिए गठित बेंच में अनुभवी जज शामिल होंगे। CJI सूर्यकांत और जस्टिस बागची मामलों की गहन समीक्षा करेंगे और सुनवाई सुनिश्चित करेंगे। इस पहल से न सिर्फ लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि न्याय की निरंतरता भी बनी रहेगी।
सुप्रीम कोर्ट ने इस विशेष सुनवाई को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। नोट में कहा गया है कि वकील तारीख आगे बढ़ाने का अनुरोध न करें। यह कदम दिखाता है कि भारतीय न्यायपालिका आधुनिक चुनौतियों और अर्जेंट मामलों के प्रति सजग है। जब पूरा देश छुट्टियों में आराम कर रहा होगा, तब सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में बहस और न्याय की गूंज जारी रहेगी। यह पहल यह संदेश देती है कि न्याय के लिए छुट्टियां कभी बाधा नहीं बन सकतीं। न्यायपालिका की यह तैयारी और सक्रियता आम जनता के लिए भरोसे और उम्मीद की किरण के तौर पर देखी जा रही है।
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