Chinese Manjha: मकर संक्रांति के बाद देशभर से पतंग के मांझे से हो रहे हादसों और मौतों की खबरें आ रही हैं। गुजरात के सूरत में एक दर्दनाक हादसे में 8 साल के बच्चे रेहांश बोरसे की मौत हो गई। रेहांश अपने दोस्त के साथ साइकिल चला रहा था, तभी उसकी गर्दन में तेज मांझा फंस गया। मांझा इतना तेज था कि उसके गले पर गहरा कट लग गया और वह साइकिल से गिर पड़ा। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हादसे की जांच की और मौके से मांझा भी बरामद किया।
सूरत में और भी हादसे
सूरत में ही एक और दर्दनाक हादसा हुआ, जहां पतंग के मांझे की वजह से एक बाइक सवार का अनियंत्रित होकर 70 फीट ऊंचे फ्लाईओवर से गिर गया। इस हादसे में एक व्यक्ति और उसकी 7 साल की बेटी की मौत हो गई। महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी और बाद में अस्पताल में उसकी भी मौत हो गई। यह घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला खतरनाक चाइनीज़ और नायलॉन मांझा लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है।
कर्नाटक में भी हादसा
कर्नाटक के बीदर जिले में भी एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां 48 साल के संजू कुमार की बाइक चलाते समय मांझा उनके गले में फंस गया। गहरी चोट और खून बहने के कारण वह सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस तरह के हादसे एक बार फिर मांझा पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर कर रहे हैं।
घायल होने वालों की संख्या बढ़ी
हाल ही में देशभर से मांझा से घायल होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। एक पुलिसकर्मी के गले में गहरा घाव हुआ, जिसके लिए उसे 10 टांके लगाने पड़े। इसके अलावा 70 साल की एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में बिकने वाला चाइनीज़ मांझा बहुत खतरनाक होता है, जो मामूली रगड़ में भी गंभीर चोटें पहुंचा सकता है।
मांझा पर सख्त कार्रवाई की मांग
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्यों प्रतिबंध के बावजूद खतरनाक मांझा बाजार में बेचा जा रहा है? हर साल ऐसे हादसों से कई लोगों की जान जा रही है, और इन पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
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