Sindhu Darshan Festival

लद्दाख में Sindhu Darshan Festival के लिए बिहार सरकार देगी ₹20,000 की मदद, कैबिनेट की मिली मंजूरी

Sindhu Darshan Festival: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार (17 जून 2026) को हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगी, जिनमें से दो योजनाएं राज्य के नागरिकों और पर्यटकों के लिए बेहद खास हैं। सरकार ने राज्य के लोगों को देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए ‘सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा योजना’ को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर को आसान और रोमांचक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री बिहार हेली टूरिज्म सेवा योजना 2026’ की भी शुरुआत की गई है।

सिंधु दर्शन के लिए सरकार देगी आर्थिक मदद

बिहार सरकार की नई योजना के तहत लद्दाख जाकर सिंधु नदी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को सरकार की तरफ से वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत तीर्थ यात्रा पूरी होने के बाद कुल खर्च का 50 प्रतिशत या अधिकतम 20,000 रुपये प्रति यात्री अनुदान (फंडिंग) के रूप में वापस दिया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के लोगों को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़ना है। चूंकि सिंधु नदी भारतीय सभ्यता का एक बहुत बड़ा प्रतीक है और लद्दाख में हर साल होने वाला सिंधु दर्शन महोत्सव राष्ट्रीय एकता का संदेश देता है, इसलिए सरकार ने इसे बढ़ावा देने का फैसला किया है।

यात्रा के लिए तय की गई हैं ये शर्तें

सिंधु दर्शन योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें भी रखी हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि यात्री का बिहार का स्थायी और मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, योजना का लाभ केवल 18 साल या उससे अधिक उम्र के तीर्थ यात्रियों को ही मिलेगा। सरकार ने लाभार्थियों की संख्या भी तय की है, जिसके तहत एक साल में अधिकतम 100 तीर्थ यात्रियों को ही यह फंडिंग दी जाएगी। इस योजना से जुड़ी अन्य सभी विस्तृत जानकारियां बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती हैं।

लेह में होने जा रहा है पहला सिंधु महाकुंभ

साल 2026 में होने वाली यह सिंधु दर्शन यात्रा इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इस बार लद्दाख में पहले ‘सिंधु महाकुंभ’ का आयोजन प्रस्तावित है। यह भव्य कार्यक्रम 22 से 27 जून के बीच लेह में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पूरे देश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं, संतों और सामाजिक संगठनों के शामिल होने की उम्मीद है। लद्दाख के सिंधु घाट पर होने वाले इस आयोजन को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से जोड़कर देखा जाता है। आपको बता दें कि लद्दाख साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर बिना विधानसभा वाला एक केंद्र शासित प्रदेश बना था, जिसे अपनी अत्यधिक ऊंचाई के कारण ‘लैंड ऑफ हाई पासेस’ भी कहा जाता है।

मात्र ₹2100 में करें हेलीकॉप्टर की सवारी

कैबिनेट बैठक में मंजूर हुई दूसरी बड़ी योजना ‘हेली टूरिज्म सेवा’ है। इसके तहत पहले चरण में पर्यटक वाल्मीकिनगर (पश्चिमी चंपारण), मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) और राजगीर (नालंदा) जैसे प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण हेलीकॉप्टर के जरिए कर सकेंगे। इसके लिए पर्यटकों को एक तय पर्यटन पैकेज चुनना होगा।

इसके अलावा, पटना शहर का आसमान से खूबसूरत नजारा (स्काईलाइन व्यू) देखने के लिए हर शनिवार और रविवार को ‘हेलीकॉप्टर जॉय राइड’ का संचालन किया जाएगा। इस हवाई सफर का आनंद लेने के लिए पर्यटकों को प्रति सीट मात्र 2100 रुपये का भुगतान करना होगा। कैमूर और राजगीर के लिए किराए के विशेष हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा, जबकि वाल्मीकिनगर के लिए राजकीय वायुयान की सेवा ली जाएगी।

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