Bargi Dam boat accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर हुए दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद से ही सर्च ऑपरेशन और प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार सुबह 5 बजे से ही रेस्क्यू टीमों ने जलाशय में लापता लोगों की तलाश फिर से शुरू कर दी है। शुक्रवार शाम को भारी बारिश और खराब मौसम के कारण इस अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा था। हादसे के बाद से अब तक कुल 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अभी भी 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोर और आपदा राहत टीमें जुटी हुई हैं। इस दुखद घटना में अब तक 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद क्रूज के पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा, होटल मैकल रिसॉर्ट और बरगी बोट क्लब के मैनेजर सुनील मरावी को काम में लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया है। शासन ने वरिष्ठ स्तर पर भी जवाबदेही तय करते हुए रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।
हादसे की प्राथमिक जांच में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों और जांच रिपोर्ट के अनुसार, तेज आंधी और खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में उतारा गया। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि क्रूज पर सवार होते समय यात्रियों को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जब क्रूज में पानी भरने लगा और स्थिति अनियंत्रित हो गई, तब जाकर लाइफ जैकेट बांटने की कोशिश की गई, जो बहुत देर हो चुकी थी। मुख्यमंत्री ने खुद जबलपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
क्रूज संचालन बंद
इस हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में सभी क्रूज, मोटर बोट और वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के संचालन पर अगले आदेश तक पूरी तरह रोक लगा दी है। अब प्रदेश के सभी जल-परिवहन साधनों का नए सिरे से सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही इन्हें फिर से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, इस घटना पर बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने भी शोक जताते हुए सरकार को सुझाव दिया है और कहा है कि अब समय आ गया है कि हर यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य की जाए। एक सरकारी पोर्टल होना चाहिए, जहां यात्रा शुरू होने से पहले सभी यात्रियों के लाइफ जैकेट पहने हुए फोटो (टाइम-स्टैम्प्ड) अपलोड करना अनिवार्य हो। सख्त जवाबदेही ही जानें बचा सकती है।
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