Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली से देहरादून के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद Delhi-Dehradun Expressway का पहला हिस्सा आखिरकार आम जनता के लिए खोल दिया गया है। सोमवार से 32 किलोमीटर का सेक्शन, जो दिल्ली के अक्षरधाम से यूपी के बागपत तक जाता है, ट्रायल मोड में शुरू कर दिया गया है। अच्छी बात यह है कि इस रास्ते पर अगले एक महीने तक कोई टोल नहीं लगेगा।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बताया कि इस नए रूट के शुरू होने से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की तरफ जाने वाले पुराने रास्तों पर यातायात का दबाव काफी कम होगा। लोग अब कम समय में आरामदायक और जल्दी सफर तय क पाएंगे। यह पूरा एक्सप्रेसवे 210 किलोमीटर लंबा है और इसे चार चरणों में बनाया जा रहा है। पहले इसे दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन अब नई अंतिम तारीख फरवरी 2026 तय की गई है।
एक्सप्रेसवे बनने के बाद आज जो दिल्ली से देहरादून का सफर लगभग 6 घंटे लेता है, वह घटकर सिर्फ ढाई घंटे रह जाएगा। रास्ते में फूड कोर्ट, एटीएम, PUC सेंटर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों के चार्जिंग स्टेशन और एयर फिलिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
चारों फेज की मौजूदा स्थिति
फेज-1: अक्षरधाम से बागपत (32 किमी) का ट्रायल शुरू हो गया है
फेज-2: बागपत से सहारनपुर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है.
फेज-3: सहारनपुर बाइपास से गणेशपुर का काम अभी जारी है
फेज-4: गणेशपुर से देहरादून का सेफ्टी ऑडिट अभी जारी है
अधिकारियों के मुताबिक, बागपत तक का हिस्सा पहले से तैयार था, लेकिन पूरा एक्सप्रेसवे एक साथ खोलने की योजना के कारण इसे रोका गया था। अब इस हिस्से को ट्रायल के लिए खोलने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।

क्या है इस Expressway की खासियतें
- बंदरों के लिए मंकी लैडर
इस एक्सप्रेसवे पर बंदरों के सुरक्षित आवागमन के लिए पेड़ों से जुड़े विशेष मंकी लैडर बनाए गए हैं। इससे बंदरों के अचानक सड़क पर आने की संभावना कम होगी और दुर्घटनाएं भी घटेंगी।
- वन्यजीवों के लिए सुरक्षा बाड़
सड़क के दोनों तरफ मजबूत वाइल्डलाइफ फेंसिंग लगाई गई है ताकि बड़े जानवर एक्सप्रेसवे की मुख्य सड़क पर न आएं। यह व्यवस्था ड्राइवरों और जानवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- खास पीली लाइट
इस हाईवे पर सामान्य सफेद रोशनी की जगह पीली लाइट का इस्तेमाल किया गया है।
इसके फायदे:
- कीड़े कम आकर्षित होते हैं
- धूल, कोहरा और बारिश में बेहतर दिखाई देगा
- ड्राइवर की आंखों पर कम दबाव
- लंबी ड्राइव में कम थकान
- यह तकनीक ड्राइवर सेफ्टी के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
- एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर
राजाजी नेशनल पार्क के पास 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया का सबसे लंबा है। इसके नीचे और आसपास हाथियों समेत कई बड़े जानवर सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सकेंगे। इसके लिए कई अंडरपास और एलिवेटेड सेक्शन तैयार किए गए हैं।
- ध्वनि अवरोधक (साउंड बैरियर)
एक्सप्रेसवे पर साउंड बैरियर्स लगाए गए हैं जो वाहनों की आवाज़ को आसपास के जंगलों और वन्यजीव क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकेंगे।
अन्य आधुनिक सुविधाएं
यह एक्सप्रेसवे 6 से 12 लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा। दिल्ली की तरफ तीन बड़े रेस्ट एरिया बन रहे हैं, जहां साफ वॉशरूम, पीने का पानी, फर्स्ट-एड, पार्किंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए विशेष जगह उपलब्ध होगी।
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