School Rape Case: देश की राजधानी के जनकपुरी इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक निजी प्री-स्कूल में दाखिले के दूसरे ही दिन (30 अप्रैल) साढ़े तीन साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल के 57 वर्षीय केयरटेकर ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया।
क्या है पूरा मामला?
बच्ची की मां के अनुसार, 30 अप्रैल को स्कूल से लौटने के बाद बच्ची ने अपने गुप्तांग में दर्द होने की शिकायत की। जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। बच्ची ने अपनी मां को बताया कि स्कूल की एक महिला टीचर उसे बेसमेंट में लेकर गई थी, जहाँ एक ‘अंकल’ ने उसके साथ गलत काम किया। इसके बाद मां ने तुरंत जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने पर पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान बच्ची द्वारा आरोपी की पहचान किए जाने के बाद, पुलिस ने 1 मई को 57 वर्षीय स्कूल केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया।
अदालत से मिली जमानत
हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद, 7 मई को द्वारका कोर्ट के एडिशनल सेशन जज ने आरोपी को जमानत दे दी। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस जमानत का कड़ा विरोध किया था, लेकिन अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को राहत दे दी।
जांच पर उठे सवाल
पीड़िता की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बच्ची के स्पष्ट बयान के बावजूद कि महिला शिक्षिका ही उसे बेसमेंट में लेकर गई थी, पुलिस ने उस शिक्षिका पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूछताछ के बहाने मासूम बच्ची और परिवार को घंटों थाने में बिठाकर रखा गया, जिससे पहले से ही डरी हुई बच्ची और अधिक सदमे में चली गई है। मामले की जांच में स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है क्योंकि स्कूल के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए और जिस बेसमेंट में यह जघन्य वारदात हुई, वहां सुरक्षा के लिए कोई कैमरा मौजूद नहीं था।
सौरभ भारद्वाज का बयान
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह बेहद डरावना है कि नर्सरी में पढ़ने वाली बच्ची स्कूल के पहले ही दिन दरिंदगी का शिकार हो गई। उन्होंने आरोपी को मिली जल्द जमानत पर सवाल उठाते हुए दिल्ली पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवार की मदद करने के बजाय उन्हें धमका रहा है। उन्होंने इस पूरी घटना को राजधानी की कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा के प्रति एक बड़ी प्रशासनिक विफलता करार दिया।
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