Siddharth Nagar Water Tank: रील बनाने का शौक आजकल लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर चंद लाइक्स और फॉलोअर्स की चाह में लोग अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से सामने आया है, जहां रील बनाने के चक्कर में एक बच्चे की जान चली गई, जबकि दो बच्चों को भारतीय वायुसेना ने बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला।
कैसे हुआ हादसा?
घटना जिला मुख्यालय स्थित काशीराम आवास कॉलोनी की है। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे पांच बच्चे बाले (12), गोलू (15), शनि (11), कल्लू (15) और पवन (16) करीब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर रील बनाने के लिए चढ़ गए। यह टंकी लंबे समय से जर्जर थी।
जब बच्चे नीचे उतरने लगे, तो लोहे की जर्जर सीढ़ी अचानक टूटकर गिर गई। इस हादसे में बाले, शनि और गोलू नीचे गिर पड़े। मलबे की चपेट में आने से बाले की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शनि और गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, कल्लू और पवन किसी तरह लोहे की रॉड पकड़कर ऊपर ही फंसे रह गए।
16 घंटे का संकट और रेस्क्यू में बाधाएं
टंकी के चारों ओर पानी भरा होने और जमीन के दलदल होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आईं। गोरखपुर से पहुंची NDRF की टीम और हाइड्रोलिक क्रेन भी मौके तक नहीं पहुंच सकी। प्रशासन ने रातभर मशीनों की मदद से करीब 150 मीटर अस्थायी सड़क बनाने की कोशिश की, लेकिन तड़के 3 बजे हुई भारी बारिश ने काम रोक दिया।
वायुसेना का ‘सुपरफास्ट’ एयर ऑपरेशन
जब जमीन से बचाव संभव नहीं हुआ, तो जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के माध्यम से सेना की मदद मांगी। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे गोरखपुर से भारतीय वायुसेना का MI-17 V5 हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा। वायुसेना के जवानों ने मात्र 15 मिनट के भीतर हवा में लटककर दोनों बच्चों (कल्लू और पवन) को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
अस्पताल में भर्ती, जांच जारी
रेस्क्यू किए गए बच्चों को तुरंत गोरखपुर भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण किया गया। वहीं, घायल शनि और गोलू का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मामले की जांच जारी है।
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