Shahjahanpur News – शाहजहाँपुर जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पहली बार मंदिर में पूजा अर्चना की, इस दौरान उन्होंने गुरुकुल के बटुकों का पटका पहनाकर पूजन कर उनका सम्मान किया और कहा कि हमारा भगवान परशुराम की जन्मस्थली से शुरु से लगाव है जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के बाद बुधवार को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पहली बार परशुरामपुरी पहुंचे। उन्होंने प्राचीन भगवान परशुराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा गुरुकुल के बटुकों को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना भी उनके साथ मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर मिर्जापुर स्थित रघुवंशी पैलेस के हेलीपैड पर उतरा, जहां भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद पुलिस एस्कॉर्ट के साथ उनका काफिला भगवान परशुराम मंदिर पहुंचा। मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम और प्रेस वार्ता के दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि भगवान परशुराम की जन्मस्थली से जुड़े नगर का नाम परशुरामपुरी किए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि खन्ना जी के आगे पीछे कोई नहीं जितना है सबको बटेगा
Parshurampuri News: दौरे की बड़ी बातें
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का यह दौरा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम रहा। उन्होंने मंदिर में पूजा करने के साथ गुरुकुल के विद्यार्थियों का सम्मान भी किया।
पहले और अब: क्या बदला?
नाम परिवर्तन के बाद नगर की आधिकारिक पहचान में बदलाव आया है।
| पहले | अब |
|---|---|
| जलालाबाद | परशुरामपुरी |
| पुराना प्रशासनिक नाम | नया अधिसूचित नाम |
| सामान्य धार्मिक पहचान | भगवान परशुराम से जुड़ी पहचान |
| सीमित चर्चा | राज्यभर में राजनीतिक और सांस्कृतिक चर्चा |
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FAQs
Q1. Shahjahanpur News में आज की बड़ी खबर क्या है?
शाहजहांपुर के परशुरामपुरी में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भगवान परशुराम मंदिर में पूजा-अर्चना की और गुरुकुल के बटुकों का सम्मान किया।
Q2. ब्रजेश पाठक परशुरामपुरी क्यों पहुंचे थे?
जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के बाद वह पहली बार भगवान परशुराम मंदिर पहुंचे और धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
Q3. Shahjahanpur News के अनुसार कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद था?
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, भाजपा नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
Q4. जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी क्यों किया गया?
सरकार के अनुसार भगवान परशुराम की जन्मस्थली से जुड़े इस नगर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से यह नाम परिवर्तन किया गया।
Q5. ब्रजेश पाठक ने कार्यक्रम के दौरान क्या कहा?
उन्होंने भगवान परशुराम की जन्मस्थली से अपने जुड़ाव का उल्लेख किया और कहा कि नाम परिवर्तन लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने वाला ऐतिहासिक कदम है। साथ ही उन्होंने सुरेश कुमार खन्ना की सराहना भी की।

